डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में संविदा पर तैनात करीब चार दर्जन शिक्षकों की संविदा समाप्त हो गई है। 16 जुलाई से नया शैक्षिक सत्र 2015-16 शुरू होने जा रहा है, लेकिन अभी इन शिक्षकों को सेवा विस्तार नहीं मिला है। विभागाध्यक्षों की ओर से कुल सचिव को भेजी गई फाइल पर अनुमोदन का इंतजार हो रहा है। सेवा विस्तार को लेकर शिक्षक असमंजस में हैं।
अवध विश्वविद्यालय के तकनीकी संस्थान व परिसर के कई विभागों में लगभग चार दर्जन शिक्षकों को संविदा के आधार पर तैनात किया गया है। नियमित शिक्षकों की कमी होने से इन्हीं पर छात्रों के अध्ययन की पूरी जिम्मेदारी है। तकनीकी संस्थान तो संविदा शिक्षकों के सहारे ही कई वर्षों से चल रहा है।
इसके अलावा परिसर के शारीरिक शिक्षा विभाग, जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग, समाज कार्य विभाग समेत अन्य विभागों में संविदा शिक्षक तैनात हैं। वैसे तो शासनादेश के अनुसार इन शिक्षकों की संविदा एकमुश्त तीन साल के लिए बढ़ाने का नियम है, लेकिन विवि में आदेश का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। पिछले साल इन शिक्षकों की संविदा अवधि महज 89 दिन बढ़ाई गई थी।
यह अवधि बीती 30 जून को समाप्त हो गई है। बताया जा रहा है कि नए शैक्षिक सत्र के आगाज के नाते विभागाध्यक्षों ने शीघ्र विस्तार के लिए अपने स्तर से अनुमोदित कर फाइलें कुल सचिव कार्यालय में भिजवा दी हैं, मगर अभी कुलपति स्तर से विस्तारीकरण की फाइल पर अनुमोदन नहीं मिल सका है। एक सप्ताह बाद नया सत्र शुरू होने जा रहा, इससे संविदा शिक्षक परेशान हैं। विवि परिसर में सेमेस्टर प्रणाली लागू होने से अगर शिक्षकों की संविदा नहीं बढ़ती है, तो नए सत्र में शिक्षकों का टोटा हो जाएगा। ऐसी स्थिति में छात्र-छात्राओं को कौन पढ़ाएगा? यह बड़ा सवाल है।
संविदा शिक्षकों की संविदा अवधि 30 जून को ही खत्म हो गई थी। सेवा विस्तार के लिए फाइल कुछ दिन पहले भेज दी गई है। अभी अवधि नहीं बढ़ी है। जल्द बैठक होने की उम्मीद है। उसी में विचार किया जाएगा। -डॉ. लालसाहब सिंह, समन्वयक, शारीरिक शिक्षा विभाग व चीफ प्रॉक्टर, अवध विवि फैजाबाद
........