अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन चतुर्थ दीपोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। सरयू तट राम की पैड़ी पर 24 घाटों का मार्किंग का काम पूरा हो गया है। मंगलवार को राम की पैड़ी के घाट नंबर चार पर वालंटियर ने दीपों को सजाकर जलाने का रिहर्सल किया।
विवि के स्वयंसेवकों में अपने पूर्व वर्ष के रिकॉर्ड चार लाख 14 हजार दीपों को तोड़ने की ललक दिखाई दे रही है। इस बार विवि के स्वयंसेवक लगभग 6 लाख दीये जलाकर अपने पूर्व के रिकॉर्ड को तोड़ने की मुहिम में जी जान से जुड़े हैं। विवि के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने बताया है कि उम्मीद है कि एक नया रिकॉर्ड बनाकर गिनीज बुक में दर्ज किया जाएगा।
राम मंदिर पर सुप्रीम फैसला आने के बाद यह पहला दीपोत्सव है। जिसमें राम मंदिर निर्माण का कार्य भी शुरू हो चुका है। दीपोत्सव उसी एतिहासिक परंपरा का साक्षी बनने जा रहा है जब भगवान श्रीराम वन से अयोध्या 14 वर्ष के उपरांत लौटे थे।
इस बार का दीपोत्सव काफी बड़े क्षेत्रफल में फैला हुआ है। 6 लाख दीये जलाने के लिए प्रति स्वयंसेवक 75 से 80 दीये जलाये जाने का लक्ष्य है। विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों, विभिन्न गैर संस्थाओं में एनसीसी, एनएसएस के छात्रों का भी सहयोग लिया जा रहा है।
दीपोत्सव समन्वयक प्रो. शैलंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि घाट नंबर चार पर सभी समन्वयकों की उपस्थिति में दीये लगाने का रिहर्सल किया गया। 11 नवंबर दोपहर 12 बजे से सभी घाटों पर कुलपति प्रो. रविशंकर के नेतृत्व में स्वयंसेवकों के साथ अंतिम रिहर्सल किया जाएगा।
12 नवंबर को स्वयंसेवक एवं समन्वयकों के दिशा-निर्देशन में दीपों के पैटर्न सजाएंगे। 13 नवंबर को सुबह 10 बजे सजाये दीये में तेल व बाती लगाकर निर्धारित समयावधि के अंदर सावधानी पूर्वक दीये जलाए जाएंगे। दीपोत्सव में सहभागिता के लिए पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों के पहचान-पत्र जारी कर दिए गए हैं।