आरबीआई मुख्यालय से कैश की सप्लाई 15 दिन से बंद होने के कारण एटीएम में कैश का संकट छा गया है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि कैश सप्लाई बंद होने की हेडक्वार्टर से कोई वजह नहीं बताई गई है। वहीं, दूसरी ओर एटीएम व बैंकों से लोग जितना कैश निकालते हैं उसका चौथाई ही जमा होने की वजह से भी दिक्कत आ रही है।
कैश संकट का असर सबसे ज्यादा उन बैंकों में है जहां पर जमा कम होता है। लीड बैंक मैनेजर ने स्वीकार किया कि थोड़ा बहुत संकट तो सब में है लेकिन ग्रामीण बैंकों में ज्यादा संकट है क्योंकि वहां पर जमा कम होता है।
जिले में विभिन्न बैंकों के कुल 200 एटीएम हैं। इसमें से ज्यादातर एटीएम पिछले एक पखवारे से हाथी के दांत साबित हो रहे हैं। पुष्पराज स्थित बीओबी, एचडीएफसी और आईडीबीआई और सिविल लाइंस स्थित सेंट्रल बैंक, एचडीएफसी, केनरा, पीएनबी तथा फतेहगंज मार्ग स्थित पीएनबी, आईसीआईसी तथा एचडीएफसी बैंक के एटीएम कई दिनों से बंद हैं।
शहर क्षेत्र में दो तिहाई एटीएम नगदी के संकट से जूझ रहे हैं। शहर की यह स्याह तस्वीर देख दूर दराज के बाजारों में स्थित एटीएम की क्या हालत होगी, इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। एटीएम के या तो आधा शटर बंद है या फिर ताला लटका हुआ है।
जहां पर चलता हुआ दिख रहा है तो कार्ड डालने पर स्क्रीन पर ‘नौ कैश’ लिखा आ जाता है। ऐसे हालात में जहां के एटीएम में रुपया है, वहां पर ग्राहकों की लंबी-लंबी कतार देखने को मिल रही है। फैजाबाद, अयोध्या, गोसाईगंज, बीकापुर, मया बाजार, पूरा बाजार, तारुन, मिल्कीपुर, अमानीगंज, रुदौली, मवई, सोहावल, सुचितागंज, मसौधा आदि क्षेत्रों में लगे एटीएम धनाभाव के कारण दगा दे चुके हैं जिससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चर्चा है कि लोगों को कैशलेस ट्रांजक्शन के लिए प्रेरित करने को कैश की सप्लाई रोकी गई है।