अखिल भारतीय गायत्री विश्व परिवार ने रामकोट स्थित गायत्री शक्तिपीठ को एशिया की सबसे बड़ी शक्तिपीठ बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। शक्तिपीठ को उच्चीकृत करने को लेकर प्रस्ताव भी तैयार हो गया है।
करोड़ों रुपये के इस प्रस्ताव पर परिवार के मुुुखिया एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रणव पांड्या ने भी मुहर लगा दी है। गुरुवार को गायत्री शक्तिपीठ में परिवार के जिला संयोजक महेंद्र सिंह ने मीडिया के समक्ष यह रूपरेखा पेश की।
बताया कि अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक स्व. पं. श्रीराम शर्मा का स्वप्न था कि जहां पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र जी ने जन्म लिया उस क्षेत्र में गायत्री परिवार का सबसे बड़ा प्रकल्प व केंद्र बनाया जाए।
उनके स्वप्न को मूर्तरूप देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बताया कि हाल ही में शक्तिपीठ में संपन्न हुए संगठन साधना सत्र में 25 जिलों के 800 कार्यकर्ताओं का जमावड़ा हुआ था।
जहां कार्यकर्ताओं ने पं. शर्मा के स्वप्न को पूर्ण करने के लिए तन-मन धन से बढ़-चढ़कर सहयोग करने का संकल्प लिया था। कार्यकर्ताओं ने अपने माध्यमों से शक्तिपीठ के विकास के लिए 50 लाख रुपये की धनराशि का सहयोग करने की पेशकश की है।
बताया कि गायत्री शक्तिपीठ का उच्चीकरण करने के साथ ही कामन हॉल, प्रवचन कक्ष के अलावा सौंदर्यीकरण कार्य प्रस्तावित है। इस प्रस्ताव को तैयार कर परिवार के मुखिया व देव संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रणव पांड्या के पास भेजा गया था, उन्होंने इस पर स्वीकृति दे दी है।