अयोध्या। राममंदिर के निर्माण के चलते जिस तरह से अयोध्या पूरी दुनिया के आकर्षण का केंद्र बनी है, उससे अब 1407 एकड़ में प्रस्तावित नव्य अयोध्या छोटी मानी जा रही है। इसलिए इसमें विस्तार की तैयारी शुरू हो गई है।
इस ग्रीन फील्ड टाउनशिप के बगल में शहनवाजपुर में करीब 450 एकड़ में एक इसी तर्ज पर एक सिस्टर टाउनशिप बसाने की योजना बनाई जा रही है। इसको लेकर आवास विकास विभाग की चयन समिति ने शहनवाजपुर में जमीन का निरीक्षण किया।
अयोध्या में आवास ही नहीं विभिन्न गतिविधियों के लिए जमीन की मांग बढ़ती जा रही है। इसलिए अब आवास विकास परिषद अपनी योजना को और विस्तार देने जा रहा है। इस कड़ी में अयोध्या पहुंचे अपर आयुक्त एवं सचिव आवास विकास परिषद डॉ. नीरज शुक्ला ने बुधवार को चयन समिति के सदस्यों के साथ शहनवाजपुर का भ्रमण किया।
परिषद के अधिशासी अभियंता ओमप्रकाश पांडेय ने बुधवार को बताया कि चयन समिति अब एक प्रस्ताव तैयार करके आयुक्त आवास विकास के समक्ष प्रस्तुत करेगी। यदि यह प्रस्ताव पास हो गया तो जमीन के अधिग्रहण के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने बताया कि शीर्ष स्तर पर महसूस किया जा रहा है कि 1407 एकड़ की प्रस्तावित ग्रीन फील्ड सिटी से मांग पूरी नहीं हो पाएगी। इसलिए यह प्राथमिक तैयारी की जा रही है। इससे इस शहर का सुनियोजित विकास होगा और बड़े पैमाने पर आवास की जरूरतें पूरी होंगी।
सचिव के सामने 71 ने पेश की अपनी आपत्तियां
अयोध्या। नव्य अयोध्या में दूसरे चरण में जमीन के अधिग्रहण से संबंधित सुनवाई बुधवार को भी हुई। जहां सचिव एवं अपर आयुक्त आवास ने मांझा बरेहटा के 71 लोगों की आपत्तियों पर सुनवाई की। इस दौरान आबादी में बसे लोगों ने उनसे मांग की कि उन्हें यहां से विस्थापित न किया जाए।
अपर आयुक्त डॉ. नीरज शुक्ला ने स्पष्ट किया कि पुरानी आबादी को हटाने की कोई मंशा नहीं है। यदि कहीं कोई भवन रोड आदि में बाधक बन रहा होगा तो उसी के अधिग्रहण की नौबत आएगी। उन्होंने कहा कि जिसकी भी भूमि और भवन आएगा, उसे सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा दिया जाएगा।
इसके बाद अपर आयुक्त ने एडीएम वित्त महेंद्र कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता ओपी पांडेय, जल निगम व उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ मांझा बरेहटा और शहनवाजपुर का भ्रमण किया। इसके बाद वे लखनऊ के लिए रवाना हो गए। संवाद