अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर-प्रदेश सरकार जल्द एग्री एक्सपोर्ट पालिसी बनाने जा रही है। इससे किसानों को उन्नत बीच देकर अलग-अलग वैरायटी की फसल को पैदा करने व एक्सपोर्ट की सुविधा प्रदान की जाएगी।
देश को समृद्धिशाली बनाने के प्रधानमंत्री के विजन का जिक्र करते हुए दावा किया कि चारों कृषि विश्वविद्यालयों व 83 कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों की मदद से आगामी सालों में प्रदेश की इकोनामी को एक ट्रिलियन डालर करेंगे।
वे सोमवार को आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में आयोजित 26वीं क्षेत्रीय कृषि विज्ञान केंद्रों की वार्षिक कार्यशाला का शुभारंभ करने के बाद बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर पहुंचाने में उत्तर प्रदेश के योगदान व इसके लिए उत्तर प्रदेश द्वारा निभाई जा सकने वाली भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जलवायु, भौगोलिक परिस्थितियों व प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता में कृषि क्षेत्र में पर्याप्त शक्ति अर्थव्यवस्था को बृहद स्वरूप देने की है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान में प्रदेश का योगदान तब माना जायेगा जब हम अपनी अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा सके।
इसके लिए कृषि क्षेत्र की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि किसानों के उत्थान में कृषि विज्ञान केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश में पिछले 5 वर्ष कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि के विकास की जो नींव रखी थी अब उसके परिणाम सामने आने लगे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा खेती किसानी की प्रगति के लिए चलाई गई योजनाओं का बखान किया।
उन्होंने कहा कि आज देश में इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि देश में दलहन का पर्याप्त उत्पादन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कृषि विकास की पर्याप्त संभावनाएं हैं।
उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों और विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश के अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर करने में जुट जाएं।
कहा कि हमारे पास पर्याप्त प्राकृतिक संसाधन हैं, हमें उसका उपयोग करना होगा। हमें प्रदेश के हर जनपद से एक विशिष्ट कृषि उत्पाद की पहचान बनानी होगी।
यदि हम कृषि क्षेत्र में उपलब्ध संसाधन का समुचित प्रयोग कर लें तो प्रदेश पूरी दुनिया भर का पेट भर सकता है।
उन्होंने सिद्धार्थनगर के काला नमक चावल व मुजफ्फरनगर में गुड़ की 118 वैरायटी की चर्चा करते हुए कहा कि इसकी पैकैजिंग व ब्रांडिंग देश-विदेश में अलग पहचान बना सकती है।
मुख्यमंत्री ने आयात किये जाने वाली फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि जब 2022 में देश आजादी के 75 वर्ष पूर्ण करेगा, उसके लिए अपने को तैयार करना होगा। सघन खेती, कृषि विविधीकरण जैसी तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों में प्रकाशित होने वाले साहित्यों को पूरे प्रदेश में प्रसारित करने का सुझाव दिया। नवोन्मेषी किसानों के अनुभवों को साहित्यों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा प्रसारित करने का सुझाव दिया। प्रदेश सरकार के कृषि के विकास के लिए किए गए प्रयासों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय द्वारा विगत सवा वर्षों में हुई प्रगति पर कुलपति प्रो संधू की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय द्वारा शोध के छेत्र में हासिल उपलब्धियों को आगे ले जाने का आह्वान किया।
भारत को आत्मनिर्भर बनाने में भी यूपी की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि दलहन-तिलहन में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में भी यूपी की अहम भूमिका है। इसके जरिए न सिर्फ मूल्य नियंत्रित होगा, बल्कि आयात खर्च भी बचेगा। हमने तय किया है कि उत्तर-प्रदेश की अपनी एग्री एक्सपोर्ट की अलग पालिसि होनी चाहिए। जिससे हम किसानों को उन्नत बीच देकर अलग-अलग वैरायटी की फसल को पैदा करने के साथ उसके एक्सपोर्ट की सुविधा प्रदान कर सकें। सरकार इस दिशा में पालिसी के साथ हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। यह न सिर्फ जनपद बल्कि पूरे प्रदेश की इकोनामी को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाएगा। वन डिस्ट्रीक्ट व प्रोडक्ट समेत अन्य जिले के तमाम एग्री बिजनेस में व्यापक संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में प्रदेश के चारों कृषि विश्वविद्यालयों व 83 कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों की मदद से हम आगामी सालों में प्रदेश की इकोनामी एक ट्रिलियन डालर करेंगे। कहा कि छह नए कृषि विज्ञान केंद्र और खोलने जा रहे हैं।
यूरिया के साथ एक बोरी कंपोस्ट से चमकेंगे गो आश्रय स्थल
मुख्यमंत्री ने एक बोरी यूरिया के साथ एक बोरी कपोस्ट खाद देने की एक कंपनी की योजना को गोवंश आश्रय स्थलों की आर्थिक मजबूती से जोड़ा। कहा कि यहां से निकलने वाले गोबर से तैयार कंपोस्ट से आय बढ़ेगी। आश्रय स्थलों पर होने वाले गोबर को कम्पोस्ट खाद में बदलने की योजना से अवगत कराया। बुंदेलखंड का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां किसानों ने आवारा गो-वंश के लिए बने आश्रय स्थलों को चारा उपलब्ध कराया और स्थिति बदल गई।
सेंटर फॉर एक्सीलेंस घोषित होंगे दो कृषि विज्ञान केंद्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि विश्वविद्यालयों को संदेश दिया कि वे कृषि विज्ञान केंद्रों से ठीकठाक तालमेल बनाएं और कृषि विकास के लिए बेहतर परिणाम ला सकते हैं। प्रदेश के 9 एग्रो क्लाइमेटिक जोन से बेहतर कार्य करने वाले 2 कृषि विज्ञान केंद्रों को सेंटर फॉर एक्सीलेंस घोषित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की लम्बित सिंचाई परियोजनाओं को दिसंबर तक पूरा करने की निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दशकों से लंबित अधूरी सिंचाई परियोजना महज एक वर्ष में पूरी की गई।
बस हादसे में मारे गए लोगों को दी श्रद्धांजलि
अपने भाषण के शुरूआत में ही मुख्यमंत्री ने आगरा बस हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए मृतकों के परिजनों को शासन से सहयोग करने व हादसे की जांच कराने की भी घोषणा की।
कृषि प त्रिकाओं का किया विमोचन
मुख्यमंत्री ने मासिक पत्रिका पूर्वांचल खेती, अटारी के वार्षिक प्रतिवेदन, नवोन्मेषी कृषकों के सीख परक अनुभव, नरेंद्र प्रसार ज्योति और कृषि शोध दर्पण का विमोचन किया। इसके पहले मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर कार्यक्रम का मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया। इसके पहले पौधरोपण भी किया। हेलीकाप्टर पर सवार होने से पहले जवानों ने सलामी दी।
मुख्यमंत्री ने किया छात्रावास और सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण
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कुमारगंज (अयोध्या)। मुख्यमंत्री ने राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा वित्तपोषित व विश्वविद्यालय में निर्मित होने वाले 100 छात्रों के छात्रावास का शिलान्यास व 750 किलो वात के सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया।
स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो जे एस संधू ने विश्वविद्यालय संचालन व इसके विकास के लिए मुख्यमंत्री व प्रदेश शासन के सहयोग के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए विश्वविद्यालय की गतिविधियों व प्रयासों से अवगत कराया। इससे पूर्व कुलपति ने मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य अतिथियों को अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के निदेशक प्रसार डॉ ए के सिंह ने विश्वविद्यालय को भरपूर सहयोग का आश्वासन दिया। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री व अतिथियों को प्रदेश के राज्य मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
उद्घाटन अवसर पर अयोध्या महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, मिल्कीपुर विधायक बाबा गोरखनाथ, विधायक रुदौली रामचंद्र यादव, अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, बांदा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति यू एस गौतम, कानपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति सुशील सोलोमन तथा मेरठ कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति गयाप्रसाद, मंडलायुक्त मनोज मिश्रा, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, एसएसपी आशीष तिवारी सहित 83 कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक व संकाय सदस्य तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रगतिशील कृषक भी उपस्थित रहे। उद्घाटन सत्र का संचालन निदेशक प्रसार डॉ ए पी राव ने किया। कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त करते हुये विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रो. जेएस शंभू ने व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रदेश के चारों कृषि विद्यालयों के प्रतिनिधि वैज्ञानिक, छात्र आदि उपस्थित रहे।