अयोध्या। आस्ट्रेलिया के फिल्म अभिनेता चार्ल्स थामसन के दिल में अब हिंदुस्तान धड़कता है। शनिवार को पहली बार अयोध्या आने के बाद उन पर भक्ति का ऐसा रंग चढ़ा कि अब सिडनी में रहने वाले भारतीयाें को रामलला के दर्शन का निमंत्रण बांट रहे हैं। हिंदी भाषा से इतना गहरा नाता जुड़ा कि उन्हें अंग्रेजी बोलने में शर्म आती है। अपनों के बीच वह बिहारी लाल नाम से मशहूर हैं। उन्हें भी इसी नाम से पुकारा जाना भाता है।
आस्ट्रेलिया के सिडनी निवासी फिल्म अभिनेता चार्ल्स अयोध्या फिल्म फेस्टिवल में शिरकत करने पहुंचे हैं। रविवार को अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने अपने मन की बातों को साझा किया। चार्ल्स ने बताया कि वर्ष 1974 से करीब एक दशक का वक्त बिहार में बिताया। भारतीय फिल्मों और सीरियलों में अभिनय के सिलसिले में उनका आस्ट्रेलिया से यहां आना-जाना लगा रहता है। वह एक भारतीय की तरह पूरे आत्मविश्वास के साथ हिंदी में बात करते हैं। उन्होंने कई हिंदी और मराठी फिल्मों के साथ धारावाहिकों में भी अभिनय किया है।
चार्ल्स बताते हैं कि एक हिंदी न्यूज चैनल के लिए दिल्ली नगर निगम चुनाव के दौरान ऑटो वाले बाबू नामक शो काफी पसंद किया गया। दूरदर्शन पर प्रसारित स्वरागिनी और भारतीय व्यंजनों व यहां की संस्कृति पर आधारित शो ने उनकी अलग पहचान बनाई। मराठी फिल्मों के मशहूर अभिनेता शशांक केतकर के साथ उनकी कई फिल्में प्रदर्शित हुई हैं। मार्च 2024 तक वह भारत के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान उन्हें जनवरी में जयपुर में होने वाले राजस्थानी फिल्म फेस्टिवल और बिहार के सारन फिल्म फेस्टिवल में भाग लेना है।
थामसन के अनुसार, वह पहली बार अयोध्या आए तो रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन भी किए। रामलला के दरबार में उन्हें बेहद विशिष्ट अनुभूति हुई। इसे वह शब्दों में नहीं बयां कर सकते। सिर्फ महसूस कर सकते हैं। भक्तिभाव से अभिभूत होकर अब वह सिडनी में रहने वाले भारतीय मूल के दोस्तों को रामलला के दर्शन के लिए बुला रहे हैं। इस दौरान फोन पर उनकी जिस दोस्त से भी बात हो रही है, वह यह जरूर पूछ रहा कि अयोध्या पहले से कितनी बदली है। यहां आने पर रहने और खाने के साथ और किस तरह की सुविधाएं मिल सकती हैं।