विकास भवन स्थित पीएनबी बैंक की शाखा में निकासी के लिए पहुंचे बीमार भगवानदीन।
- फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी के एक माह बाद भी गुरुवार बैंकों पर नकदी भुगतान को लेकर हालात बेहद खराब रहे। लोगों को एक तरफ कैश किल्लत से बैंकों-एटीएम पर घंटों खड़ा रहना पड़ा तो दूसरी ओर कोहरा का अटैक झेलना पड़ा। इस दौरान महिलाओं व वृद्धजनों की हालत बेहद खराब रही।
आरबीआई से महज 30 फीसदी नकदी चेस्ट में आने से वेतन व पेंशन लेने आए सैकड़ों लोगों को विकासभवन की पीएनबी शाखा पर मात्र दो-दो हजार नगदी मिल पाई। यही हाल बाकी सभी बैंकों का भी रहा।
जिले की करीब सवा दो सौ बैंक शाखाओं में गुरुवार को किसी तरह 30 फीसदी नगदी की व्यवस्था हो पाई। विकासभवन स्थित पीएनबी बैंक की शाखा पर वेतन व पेंशन लेने के लिए लंबी कतार लग गई।
बुजुर्ग भगवानदीन निवासी ग्राम डोभियाहा अपनी नातिन राधा व प्रियंका के सहारे बड़ी मशक्कत कर पेंशन निकालने आये, तो घंटों कतार के बाद दो हजार ही मिला। बोले, इससे कैसे इलाज व घर का खर्च चलेगा।
भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में पैसे की निकासी के लिए लोगों की सुबह से शाम तक कतार लगी रही। पुष्पराज स्थित एचडीएफसी बैंक की मुख्य शाखा के एटीएम में पैसे के लिए मारामारी मची रही। अंगूरीबाग स्थित इलाहाबाद बैंक के एटीएम में पैसे की निकासी को भी यही हाल रहा। खवासपुरा स्थित बीओबी बैंक की शाखा पर भी भारी भीड़ डटी रही।
एलडीएम ओपी शुक्ला ने बताया कि गुरुवार को बैंकों की डिमांड के सापेक्ष कैश मात्र 30 से 40 फीसदी ही मिला है। इससे हालात अभी भी खराब है। वेतन व पेंशन वालों को पीएनबी विकासभवन शाखा से दो-दो हजार मिल पाए हैं, इससे भी खराब हालत देहात की ग्रामीण बैंकों की रही। इसका नतीजा यह है कि आज आने वाले कल भी आएंगे। 50 हजार व एक लाख सेलरी वाले के लिए 2 हजार कुछ नहीं हैं।