अयोध्या। आईजीआरएस में आई शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही जिले के अफसरों पर भारी पड़ गई। जिलाधिकारी अनुज कुमार ने पांच अफसरों को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि और 10 वरिष्ठ अफसरों का सितंबर का वेतन रोक दिया है। साथ नियमित पोर्टल न देखने वाले दो दर्जन से ज्यादा अफसरों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए कलेक्ट्रेट बुलाया है।
डीएम ने आईजीआरएस पर प्राप्त हो रहे संदर्भों की डैसबोर्ड पर 17 सितंबर को समीक्षा की तो बड़ी संख्या में मामले लंबित मिले। यही नहीं मुख्यमंत्री, शासन, हेल्पलाइन, डीएम जनसुनवाई के साथ चार सौ से ज्यादा मामले डिफाल्टर की स्थिति में पाए गए। जबकि इसको लेकर लगातार बैठकें होती हैं।
संपूर्ण समाधान दिवस में भी इसको लेकर निर्देश दिए जाते हैं। डीएम समीक्षा के बाद लापरवाही के आरोप में डीआईओएस, बीएसए, एसडीएम मिल्कीपुर, बीकापुर, प्रभारी निरीक्षण कोतवाली नगर, अधिशाषी अभिंयता सिंचाई यांत्रिकी, बीडीओ रुदौली, तहसीलदार बीकापुर, उपखंड अधिकारी विद्युत बीकापुर, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित दस अफसरों का सितंबर का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है।
जबकि अधिशाषी अभियंता विद्युत वितरण प्रथम व द्वितीय, एडीओ बिंदुराम, विष्णु नरायन दूबे, अशोक कुमार वर्मा को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। उन्होंने अधिशाषी अभियंता विद्युत खंड, जिला होम्योपैथ अधिकारी, आवास विकास परियोजना प्रबंधक, मुख्य अग्नि शमन अधिकारी समेत कई अफसरों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए उन्हें कलेक्ट्रेट बुलाया है। डीएम ने कहा कि इसके बाद भी सुधार न होने पर विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई करने की संस्तुति की जाएगी।