नर्सिंग होम में प्रसव कराने वालीं 54 आशा बहुएं चिह्नित
आशा पर कसा शिकंजा
महिला अस्पताल में भर्ती 90 मरीजों को ले गईं निजी अस्पताल
आशाओं पर कार्रवाई के लिए डीएम व मिशन निदेशक को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
अयोध्या। गरीब प्रसूताओं का सुरक्षित प्रसव सरकारी अस्पतालों में हो सके, इसकी जिम्मेदारी आशा बहुओं को सौंपी गई है। लेकिन ज्यादा कमीशन के लालच में आशा बहुएं निजी अस्पतालों में प्रसूताओं की डिलीवरी करा रही हैं। जिला महिला अस्पताल में ऐसी 54 आशा बहुओं को चिह्नित करके उन पर शिकंजा कसा जा रहा है। इन पर 90 प्रसूताओं को बरगलाकर निजी नर्सिंग होम में प्रसव कराने ले जाने का आरोप है। कार्रवाई के लिए अस्पताल के सीएमएस ने डीएम सहित उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।
गरीब प्रसूताओं का सुरक्षित प्रसव सरकारी अस्पतालों में अनुभवी चिकित्सक द्वारा करवाने के लिए सरकार खूब पैसे खर्च कर रही है। जच्चा-बच्चा की देखभाल के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं भी चला रही हैं। हर गांव मोहल्लों में इसके लिए आशा बहुओं को तैनात किया गया है, जिससे महिलाओं का सुरक्षित प्रसव नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर हो सके। सरकारी अस्पतालों में प्रसव करवाने के लिए आशा बहुओं को प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। लेकिन इन दिनों आशाओं द्वारा अधिक कमीशन के लालच में प्रसूताओं को निजी अस्पतालों में पहुंचाने के मामले सामने आ रहे हैं।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिला महिला अस्पताल में प्रसव दर कम मिलने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई थी। अस्पताल प्रशासन ने जब इसके कारणों की छानबीन की, तो पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि सरकारी अस्पतालों में प्रसव के लिए बढ़ावा देने वाली आशा बहुओं ने 90 प्रसूताओं को अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों में पहुंचा दिया। इनमें अधिकांश प्रसूताएं तो काफी बेहतर स्थिति में थीं, जिनका सामान्य प्रसव भी हो सकता था। जब इन आशाओं को चिह्नित किया गया तो इनकी संख्या 54 पहुंची। स्थिति से अवगत कराते हुए सीएमएस ने मुख्य चिकित्साधिकारी, जिलाधिकारी सहित मिशन निदेशक तक को पत्र प्रेषित कर कार्रवाई की मांग की, जिस पर गंभीरता से विचार करते हुए कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
इनसेट...
कुछ चिह्नित मामले
बीते दो जून को सिहोरा इस्माइलनगर निवासी राजकुमारी पत्नी कल्लू, वजीरगंज गोंडा निवासी शीला देवी पत्नी गंगाराम, मानापुर बीकापुर निवासी शीला पत्नी संदीप, छतिरवा निवासी प्रतिभा पांडेय पत्नी आनंद, आठ जून को कृष्णानगर देवकाली निवासी मीरा पत्नी जय सिंह, 11 जून को दुराही कुआं परिक्रमा मार्ग अयोध्या निवासी अनीता पत्नी राम कुमार, बेगमगंज गढ़ैया निवासी मोनी पत्नी चंदन सोनी, 18 जून को मिर्जापुर माफी अयोध्या निवासी गायत्री पत्नी दीपक, रानी बाजार निवासी नंदनी पत्नी सोनू, 19 जून को रामदासपुर मझोली निवासी संजू पत्नी दीपक, खीरपुर इब्राहिमपुर निवासी रूपा प्रजापति पत्नी मयाराम सहित अलग-अलग तिथियों में 90 प्रसूताओं को भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इनका इलाज अस्पताल स्तर पर संभव था, फिर भी इन्हें बाहर ले जाया गया।
वर्जन..
बीते माह करीब सौ प्रसव अस्पताल में कम हुए थे, जिसकी जांच कराई गई तो पता चला कि 90 प्रसूताओं को संबंधित 54 आशा बहुओं ने निजी अस्पतालों में बहला-फुसलाकर व गुमराह कर ले जाया गया है। सभी को चिह्नित करके कार्रवाई के लिए सीएमओ व उच्चाधिकारियों को पत्र प्रेषित किया गया है।
-डॉ. श्रीकांत शुक्ला, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल, अयोध्या