रामनगरी में शनिवार को पहुंचे प्रदेश के लोकनिर्माण व सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने सरयू तट व राम की पैड़ी क्षेत्र का निरीक्षण किया। सरयू नदी के तट पर मोटरबोट में बैठकर नयाघाट से झुनकीघाट तक जायजा लिया। सरयू में पूजन किया और हनुमानगढ़ी में दर्शन कर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत ज्ञानदास व हाजी महबूब से मुलाकात की।
पैड़ी पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वृंदावन, मथुरा व वाराणसी की तर्ज पर अयोध्या का विकास किया जाएगा। कहा कि अयोध्या के घाट शीघ्र ही एक रंग में नजर आएंगे। अयोध्या की सभी सड़कें बनवाई जाएंगी। उन्होंने राम की पैड़ी देखा। कहा कि यहां हमेशा पानी का बहाव रहना चाहिए, लेकिन यहां का प्रोजेक्ट उलटा है।
कहा कि हमें लगता है कि दुनिया का सबसे उलटे प्रोजेक्ट पर यहीं काम हुआ है। पैड़ी के विकास को पांच करोड़ रुपये का बजट दे रहा हूं, जिससे राम की पैड़ी में घाघरा का शुद्ध पानी आए। कहा कि नाले का पानी सरयू नदी में नहीं जाना चाहिए। लखनऊ की गोमती में 36 नाले गिरते थे उनको शहर के बाहर करने का प्रबंध किया गया।
प्रमुख सचिव से कहा है कि जिस तरह गोमती को साफ किया, सरयू को भी साफ किया जाए। सरयू व राम की पैड़ी को लेकर कल से ही यहां पर कंसल्टेंट कंपनी को भेजकर प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए भी कहा। शिवपाल ने कहा कि माइनरों की सफाई का भी आदेश दिया है, जो सरकारी पैसा आए उसका उपयोग हो गड़बड़ी न होने पाए।
कहा कि मनरेगा का पैसा तुरंत जारी करें, काम न होने पर इंजीनियर सस्पेंड होंगे। कहा कि हमारी सरकार बनते ही पूरे प्रदेश में काम शुरू कर दिया। वर्ष 2013 से जो सड़कें आज तक बनीं, आजादी के बाद नहीं बनीं। तीन-चार साल में लगभग 500 पुल बनवा चुके हैं।
बहुत सी परियोजनाएं शुरू कराई, जिससे पूर्वांचल में पानी की समस्या काफी हद तक कम हुई। सरयू परियोजना 35 वर्ष पूर्व शुरू हुई थी जिसकी लागत 300 करोड़ रुपये थी। हमारी सरकार बनते ही लागत 10 हजार करोड़ रुपये हो गई। अब बजट में 2200 करोड़ रखा गया है। दो साल में 105 किलोमीटर खुदवा चुके हैं।
इस परियोजना से पूर्वांचल के 14 जिलों में पानी की दिक्कत नहीं होगी। शिवपाल ने डीएम के कार्यों की तारीफ भी की। निरीक्षण के दौरान वन राज्यमंत्री तेज नारायन पांडेय, विधायक आनंदसेन यादव, अभय सिंह, लीलावती कुशवाहा, हीरालाल यादव, जयशंकर पांडेय आदि मौजूद रहे।