फैजाबाद। मौसम का बदला हुआ मिजाज और उसमें बरती गई लापरवाही आपको बीमार कर सकती है। सरकारी अस्पतालों में वायरल फीवर और संक्रामक रोग के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बुखार और बदन दर्द के मरीजों की तादाद भी काफी हो गई है। बीमार होने वालों में अधिकतर बच्चे हैं। वजह जितनी तेजी से मौसम बदल रहा है उस अनुरूप बच्चे अपने को ढाल नहीं पा रहे हैं। यही नहीं दिन का तापमान अधिक होने व रात के समय तापमान में कमी होने की वजह से लोग ठंड की चपेट में आ रहे हैं। रात में वक्त बाइक चलाने वाले तमाम लोग ठंडी हवा लगने से चेस्ट इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। रात को ओस की हल्की चादर और सुबह की तेज धूप शरीर के लिए नुकसानदायक है। जरा सी लापरवाही आपको कोल्ड फ्लू का शिकार बना सकती है। मौसम की करवट के बाद अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। सिविल अस्पताल में बुखार व सर्दी जुकाम और थ्रोट इंफेक्शन के तमाम मरीज पहुंच रहे हैं। लालबाग निवासी आयुष पाल (5) देवकाली निवासी सुनीता (32) राजकुमार (29) सर्दी जुकाम बुखार से पीड़ित हैं। बाल रोग वार्ड में अंकुर (9) सौरव (13) अनुपम (12) आदि नजला, सर्दी, नाजुक बुखार से पीड़ित हैं, जिनको जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरकेश ने बताया कि मौसम का बदला मिजाज बच्चों के लिए बहुत हानिकारक है। छोटे बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, नतीजतन हल्की सी सर्दी भी बच्चों पर भारी पड़ने लगती है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. रामकिशोर ने बताया कि सर्दी का मौसम बाइक ड्राइव करने वालों के लिए अधिक खतरनाक है। उन्होंने बताया कि लोगों को चाहिए कि फुल आस्तीन के कपड़े पहनकर निकलें ताकि सीधे तौर पर हवाओं के संपर्क में न आएं। उन्होंने बताया कि ठंड लगने पर सीने में दर्द की शिकायत हो सकती है।
इनसेट..
बदलते मौसम में इन बातों का रखें ध्यान
- ठंडा पेय पदार्थ पीने से बचें।
- फीवर में पूरी तरह से करें आराम।
- तरल पदार्थ, दाल का पानी और जूस पीएं।
- इस मौसम में हल्के गरम कपड़े पहनें।
- बीमार होने पर नियमित जांच कराएं।
- बाहर का खाना खाने से परहेज करें।
- दूषित पानी पीने से बचें।
- साफ.-सुथरे कपड़े पहनें।