फैजाबाद। अयोध्या के ऐतिहासिक कार्तिक पूर्णिमा व परिक्रमा मेले को सकुशल निपटाने की कवायद में जुटे प्रशासन का सारा जोर सीसीटीवी व वीडियोग्राफी के जरिए निगरानी पर है। इसके लिए स्थलों को चिह्नित करने की कवायद शुरू की गई है। असामाजिक तत्वों व संदिग्धों की सूचना संबंधित क्षेत्र के मजिस्ट्रेट को देने तथा मजिस्ट्रेटों को हर सूचना को संवेदनशील ढंग से हैंडल करने का निर्देश दिया गया है। जिला पुलिस ने कार्तिक पूर्णिमा मेला व परिक्रमा के दौरान भीड़ नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह रूट डायवर्जन का खाका तैयार किया है, जिसका जरूरत पड़ने पर अनुपालन होगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिला पुलिस ने शासन से दस कंपनी पीएसी, दो कंपनी आरएएफ, एक कंपनी पीएसी बाढ़ राहत दल, आठ अपर पुलिस अधीक्षक, 30 पुलिस उपाधीक्षक, 50 उपनिरीक्षक, 625 कांस्टेबल, 15 महिला उपनिरीक्षक, दस महिला मुख्य आरक्षी व पांच यातायात उपनिरीक्षक, दस यातायात सिपाही के साथ 500 होमगार्ड, 350 कैडेट और एएस चेक टीम, बम डिस्पोजल टीम आदि की मांग की है। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। रविवार को एसएसपी केबी सिंह ने बताया कि विस्फोटक आदि पदार्थों की जांच के लिए जिले में उपलब्ध दस्ते के साथ दस एंटी सबोटाज चेक टीम, खुफिया के दो निरीक्षक, 15 उपनिरीक्षक, 20 मुख्य आरक्षी, 25 आरक्षी की मांग शासन से की गई है। इसके साथ ही आधुनिक उपकरणों की डिमांड भी भेजी गई है। बताया कि प्रमुख मंदिरों व संवेदनशील स्थलों को सीसीटीवी कैमरे के दायरे में लाया जा रहा है। मेला कंट्रोल रूम से इनकी निगरानी की जाएगी। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। ड्यूटी में लगाए गए अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की योजना है। एसएसपी ने अफवाहों से सावधान रहने और इसकी तत्काल खबर अधिकारियों को देने को कहा है।