फैजाबाद। प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर डाकघरों से बेची जा रही वर्षों पुरानी रद्दी सवालों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार सुबह प्रधान डाकघर में डाककर्मियों के आरोप पर खासा हंगामा मच गया। उनका कहना था कि विभागीय उच्चाधिकारी गलत ढंग से रद्दी बेच रहे हैं, जबकि महानिदेशक डाक ने इसे कालातीत (नष्ट करना) करने का आदेश दिया है। सूचना कैंट पुलिस को दी गई तो डाक अधिकारियों ने गाड़ी पर लद रही रद्दी की बोरियां उतार कर परिसर में ही जलाकर नष्ट कराया। ज्ञात हो कि ‘अमर उजाला’ ने 22 जुलाई के अंक में ‘136 साल पुराने दस्तावेज कबाड़ी को बेचे’ से खबर प्रकाशित की थी। बीते दिनों महानिदेशक डाक नई दिल्ली ने देशभर के डाकखानों से पुराने अभिलेखों को कालातीत करने का आदेश दिया है। इसके अनुपालन में मौजूदा समय फैजाबाद परिमंडल के सभी डाकघरों से इन दिनों पुराने अभिलेख हटाए जा रहे हैं। वरिष्ठ डाक अधीक्षक सीएल वर्मा ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है, जो डाकघरों में पहुंचकर अपनी निगरानी में पुराने अभिलेखों को रद्दी में बिक्री करा रही है। विभाग ने इसका ठेका ख्वासपुरा के व्यापारी श्रीप्रकाश जायसवाल को दिया है। शुक्रवार सुबह जब एक डीसीएम गाड़ी पर ठेकेदार प्रधान डाकघर की रद्दी लदवा रहा था, तो इसको लेकर हंगामा मच गया। कुछ डाककर्मियों ने गलत तरीके से रद्दी बेचने और सुरक्षित रखे जाने वाले विड्राॅल को भी बेचने की सूचना कैंट पुलिस को दे दी। जानकारी पर मीडियाकर्मी भी पहुंचे, तो डाक अधिकारियों ने वाहन पर लादी जा रही रद्दी को उतरवा लिया। बाद में इसे परिसर में जलाकर नष्ट करा मामले को शांत किया गया। अधिकारियों का कहना था कि कुछ विड्राॅल फॉर्म गुरुवार शाम को जलाए गए थे, बाकी जलाने के लिए धारा रोड स्थित अफीम कोठी ले जाए जा रहे थे।