फैजाबाद। प्रदेश के राज्यपाल व राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति बीएल जोशी ने कहा कि आज देश विचार-मंथन के दौर से गुजर रहा। दुनिया में जितनी तेजी से बदलाव आ रहा, प्रगति हो रही, वह हमारे सामने है। हम अन्य विकासशील देशों के साथ हमकदम बन चलना चाहते हैं, चल सकते हैं और इसकी आवश्यकता भी समझते हैं। ऐसे में विश्वविद्यालयों की भूमिका सबसे अहम है। शिक्षण संस्थानों, खासकर विश्वविद्यालयों को विकासपरक परिवर्तन के इस प्रवाह में संस्कृति एवं परंपराओं में भारतीयता की महक बरकरार रखने पर जोर देना होगा। समारोह में राज्यपाल/कुलाधिपति, मुख्य अतिथि व कुलपति ने 79 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्णपदक
तथा 861 छात्रों को उपाधियां प्रदान कीं।
राज्यपाल सोमवार को अवध विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि विवि किसी भी राष्ट्र के मानव संसाधन के उत्कृष्ट विकास का स्रोत होता है। विवि का उद्देश्य महज विज्ञान व तकनीक को उच्चतम स्तर पर ले जाना ही नहीं है, ज्ञान व विज्ञान की प्रगति के साथ उसके उपयोग का एक संवेदनशील वातावरण बनाना भी होना चाहिए।
कुलाधिपति ने विश्वविद्यालयों में पठन-पाठन की वर्तमान स्थिति को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि पाठ्यक्रमों व शोध कार्यों की गुणवत्ता के स्तर पर अभी और कार्य करने की जरूरत है। बोले, हमारा शिक्षा स्तर कहीं नहीं ठहरता है, इसलिए अभी और अधिक शोध कार्य की आवश्यकता है। उन्होंने विवि के कुलपति से शोध कार्य में सुधार करने का आह्वान किया। साथ ही शिक्षक व विद्यार्थियों की क्षमता व योग्यता के प्रबंधन को शैक्षणिक क्रियाकलापों से सुव्यवस्थित करने की बात कही, जिससे प्रतियोगी स्तर पर परिणाम सुखद आ सके। उन्होंने विवि के तीन शिक्षकों प्रो. जीसी पांडेय, प्रो. आरएल सिंह व प्रो. एसके गर्ग के ‘शिक्षक-श्री’ सम्मान पाने पर बधाई दी, लेकिन इस सफलता के प्रसार की जरूरत बताई। इसके साथ गोल्ड मेडलिस्टों में अधिसंख्य छात्राओं की मौजूदगी पर हर्ष जताया तथा लड़कियों की बराबरी करने के लिए छात्रों से गुणवत्ता में सुधार लाने को कहा।
समारोह में मौजूद रहे विवि कुलपति प्रो. पीसी त्रिवेदी ने अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विवि की विभिन्न उपलब्धियां व शैक्षणिक क्रियाकलापों को सबके सामने रखा। इससे पहले मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर अतिथियों ने कार्यक्रम का शुभांरभ किया और पहली बार प्रकाशित विवि की ‘अभिव्यक्ति’ नामक स्मारिका का विमोचन किया। कुलसचिव एसपी आनंद, परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह, सभी विभागों के डीन, शिक्षक, कार्य परिषद, विद्या परिषद व विवि सभा के सदस्यगण मौजूद रहे।