फैजाबाद। प्रदेश सरकार का सीएमआर जमा कराने में हीलाहवाली बरतने के मामले में मंडल के नौ और मार्केटिंग इंस्पेक्टरों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई। बताया जा रहा कि इस बाबत खाद्य आयुक्त अर्चना अग्रवाल ने संस्तुति दे दी। इसके बाद इन आरोपियों के खिलाफ जांच चित्रकूट मंडल के संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी राजेश कुमार को सौंपी गई है। इसके अलावा आयुक्त के ही आदेश पर मंडल के 14 एएमओ/एमआई के विरुद्ध पहले ही विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। इस तरह अब मंडल के 23 खाद्य अधिकारी कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। हालांकि अभी दस पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति बाकी है।
फैजाबाद मंडल में पिछले दो धान खरीद सत्रों 2011-12 और 2012-13 का लगभग 32,206 मीट्रिक टन सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) नहीं जमा हो पाया है। जिसमें सत्र 11-12 का सबसे ज्यादा सीएमआर है। सरकारी खरीद का धान कुटाई के लिए लेने के बावजूद चावल न जमा करने पर राइस मिलों के खिलाफ तो विभाग कार्रवाई कर ही रहा। माना जा रहा कि केंद्रों के एएमओ/एमआई की लापरवाही की वजह से ही सरकारी चावल फंस गया। पिछले दिनों मंडलीय अधिकारियों के विभागीय कार्रवाई की संस्तुति के लिए पत्र भेजने के बाद मंडल के 14 एएमओ/एमआई के विरुद्ध आयुक्त ने आदेश दे दिया था। जिसके बाद इनके खिलाफ जांच भी शुरू हो गई है, लेकिन मंडल के 19 अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई का आदेश लंबित रह गया था। अब इसमें से नौ के खिलाफ आयुक्त ने संस्तुति दे दी है, तो मंडल के दस एएमओ/एमआई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश लंबित रह गया है। सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में बीते गुरुवार को आयुक्त का आदेश आरएफसी कार्यालय पहुंच गया है। जिसमें चित्रकूट मंडल के आरएमओ को जांच अधिकारी नामित किए जाने का भी जिक्र है।