फैजाबाद। गरीबी रेखा से ऊपर गुजर-बसर कर रहे परिवारों के गेहूं पर एक बार फिर संकट खड़ा हो गया। जहां अंबेडकरनगर व बाराबंकी में शासन से हरी झंडी देने के बाद भी गेहूं की उठान नहीं शुरू हुई, वहीं फैजाबाद में किसी तरह सितंबर में तो गेहूं उठ गया, पर आगे के महीनों के लिए रोक लगाने का अंदेशा हो गया। दरअसल, इन तीनों जिलों के जिलाधिकारी गेहूं के खुले बाजार में बिकने की आशंका से ‘रिस्क’ नहीं लेना चाह रहे। यही खास वजह है कि अंबेडकरनगर व बाराबंकी में डीएम की परमीशन नहीं मिली, फैजाबाद में सहमति के बाद अब दोबारा रोक लगाने का मौखिक आदेश हो गया है। सुल्तानपुर व अमेठी मेें बदस्तूर एपीएल गेहूं की उठान व वितरण जारी है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत एपीएल कार्डधारकों को सस्ती दर पर गेहूं का वितरण कराया जाता है। मई में सरकारी गेहूं खरीद जारी होने पर प्रदेश सरकार ने सभी जिलों के डीएम से एपीएल गेहूं की आवश्यकता का आंकलन कराने का आदेश दिया था। इसका आशय यह था कि खुले बाजार व किसानों के घर गेहूं भरपूर मात्रा में उपलब्ध होने से एपीएल कार्डधारकों को इसकी जरूरत नहीं है। सभी जिलों में डीएम ने एसडीएम से आंकलन कराया। इसके बाद अलग-अलग जगहों पर भिन्न-भिन्न रिपोर्ट दी गई। सूत्रों के अनुसार मंडल के फैजाबाद, अंबेडकरनगर व बाराबंकी में डीएम ने जरूरत न होने तथा सुल्तानपुर व अमेठी मेें आवश्यकता होने की रिपोर्ट शासन को भेजी। इसके बाद तीन जिलों में गेहूं की उठान व वितरण पर रोक लग गई, जबकि दो जिलों में गेहूं का वितरण चालू रहा।
इसी बीच गेहूं खरीद खत्म होने के दो माह बाद शासन ने फिर से उन जिलों में गेहूं की उठान-वितरण शुरू कराने का आदेश दिया, जहां इसे सरेंडर किया गया था। प्रमुख सचिव खाद्य दीपक त्रिवेदी व खाद्य आयुक्त अर्चना अग्रवाल ने संभागीय खाद्य नियंत्रकों को पत्र भेज डीएम की सहमति लेकर एपीएल गेहूं की उठान शुरू कराने को कहा। बताते हैं कि इसके बाद फैजाबाद, बाराबंकी व अंबेडकरनगर में डीएम की सहमति के लिए पत्र दिया गया। किसी तरह फैजाबाद में तो सहमति मिल गई, लेकिन अंबेडकरनगर व बाराबंकी में डीएम ने आदेश नहीं दिया। जिले में सहमति मिल जाने के बाद सितंबर में नियमित आवंटन 1465.43 टन गेहूं की उठान शुरू हुई, पर अतिरिक्त आवंटन 732.82 टन के लिए आदेश नहीं मिला। किसी तरह अक्तूबर में पात्र कार्डधारकों को बांटने के लिए गेहूं ब्लॉकों के गोदामोें तक पहुंच गया, तो सूत्रों के अनुसार अब आगे के महीनों के लिए उठान बंद करने का मौखिक फरमान हो गया है। महकमे के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो जिले के जिलाधिकारी ने खुले बाजार में बिकने की आशंका से अब गेहूं की उठान न कराने का फैसला किया है। हालांकि अभी इस बाबत कोई लिखित आदेश नहीं जारी हुआ, पर आदेश निर्गत हो जाने की पूरी उम्मीद जतायी जा रही। दरअसल, कमिश्नर कार्यालय में आयोजित बैठक मेें जिलाधिकारी ने अन्य जिलों के डीएम से इस बाबत अनिच्छा जाहिर की है। इस संबंध में जिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी से बात की गई, तो उनका कहना था कि मुझे याद नहीं है कि हमने उठान रोकने को कहा है। इस बाबत डीएसओ ही सही बता सकते हैं। वहीं जिला पूर्ति अधिकारी केपी मिश्र ने कहा कि सितंबर में गेहूं उठ गया। अक्तूबर में बांटा जाएगा। इसके आगे का अभी पता नहीं है।