अयोध्या (फैजाबाद)। प्रशासन के लोग प्रतिबंध के साथ परिक्रमा के लिए बीच का रास्ता निकालने में जुटे हुए हैं। पूरे दिन कारसेवकपुरम् में दक्षिण के विभिन्न आश्रमों से साधु-संतों के आने का क्रम जारी रहा। रविवार को पीठ स्थापना का यज्ञ शाम चार बजे होगा, जबकि परिक्रमा 23 सितंबर से रोजाना सुबह होगी। अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि आम साधु-संतों की ओर से की जाने वाली परिक्रमा पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
मामला अयोध्या शहर के बेहद संवेदनशील इलाकों का होने के कारण प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा के बीच चुपचाप चंद साधु-संतों की पंचकोसी परिक्रमा कराने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। शनिवार को दोपहर बाद कारसेवकपुरम् पहुंचे रेजीडेंट मजिस्ट्रेट अवधेश मिश्र व सीओ अयोध्या तारकेश्वर पांडेय ने वहां मौजूद साधु-संतों व विहिप नेताओं से वार्ता की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि बगैर झंडा-बैनर के आम साधु-संत की तरह परिक्रमा करें, तो कोई आपत्ति नहीं होगी। उधर, डीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने भी कहा कि सामान्य तौर पर परिक्रमा करने वालों पर कोई रोक नहीं हैं। परिक्रमा के बाद कारसेवकपुरम् में यज्ञ आदि की गतिविधियों पर प्रशासन की कोई बंदिश नहीं है। प्रशासन केवल परिक्रमा मार्ग में शांति-सौहार्द्र चाहता है। इसे बिगाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि कारसेवकपुरम् से बाहर आने-जाने वाले साधुओं को गेट पर रोकने की भी कोई योजना नहीं है।