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पंचकोसी परिक्रमा में प्रशासन ने लगाईं पाबंदियां

Sat, 21 Sep 2013 05:37 AM IST
Faizabad
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फैजाबाद। विवादित श्रीरामजन्मभूमि पर राममंदिर निर्माण के संकल्प को पूरा करने के लिए पंचकोसी परिक्रमा के खास अनुष्ठान को लेकर विहिप की सक्रियता से जिला प्रशासन की भौहें तन गई हैं। विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय जैसे ही शुक्रवार सुबह कारसेवकपुरम् में दाखिल हुए, थोड़ी देर बाद सीओ अयोध्या व कोतवाल ने फोर्स के साथ पहुंचकर यज्ञशाला से लेकर परिसर की गतिविधियों की जानकारियां जुटाई। इस बीच विहिप ने स्पष्ट किया है कि पंचकोसी परिक्रमा शुद्ध रूप से दक्षिण के साधु-संतों का खास कर्मकांड है, जिसमें आम आदमी और स्थानीय संतों का कोई लेना-देना नहीं है। दक्षिण के संत अपनी पूजा पद्धति से रविवार से रोज सुबह 7 बजे से 12 बजे तक परिक्रमा कर यज्ञशाला में हवन करेंगे। इसमें किसी और के शामिल होने की इजाजत नहीं है।
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जिला प्रशासन ने पंचकोसी परिक्रमा के धार्मिक महत्व को भले ही क्लीन चिट दे दी है, मगर एहतियाती कदम को लेकर सख्त रणनीति बनाई जा रही है। विहिप की अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय की लखनऊ में प्रेसवार्ता में परिक्रमा कार्यक्रम को राममंदिर निर्माण से जोड़ने के मुद्दे पर प्रशासन ऐसी किसी हरकत को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है, जिससे अयोध्या-फैजाबाद की आबोहवा खराब हो। प्रशासन की चिंता परिक्रमा के दौरान नवरात्र होने और मुजफ्फरनगर की ताजी घटना ने भी बढ़ा रखी है। परिक्रमा के बहाने विहिप गड़बड़ी फैलाने की कोई चाल न चले, इसे लेकर खासी सतर्कता बरती जा रही है।
कमिश्नर संजय प्रसाद और डीआईजी बीडी पॉल्सन ने डीएम-एसएसपी को हिदायत दी है कि साधु यात्रा करते हैं, करते रहें लेकिन विहिप की भूमिका कहीं से भी ठीक नहीं है। यात्रा मार्ग में कई इलाके बेहद संवेदनशील हैं, लिहाजा परिक्रमा के हर पहलू को नए सिरे से परखा जाए। कहीं से भी गड़बड़ी नजर आए तो पहले ही सख्ती से निपटा जाए। कमिश्नर संजय प्रसाद ने कहा कि शासन को हर स्थिति से अवगत करा दिया गया है, प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। लखनऊ बैठक में मौजूद डीआईजी बीडी पॉल्सन ने शाम साढ़े पांच बजे कहा कि अभी शासन-प्रशासन से पंचकोसी पर प्रतिबंध जैसी कोई बात नहीं है।
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जबकि विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि पंचकोसी परिक्रमा की तैयारी शनिवार को आंध्र से आने वाले साधु-संतों के द्वारा अंतिम रूप दे दी जाएगी। कारसेवकपुरम् स्थित यज्ञशाला में स्वामी शंकरदेव खास पीठ स्थापित करेंग, लेकिन पूजा और यज्ञ खास कर्मकांड पर आधारित है, इसमें दक्षिण के साधु-संतों के अलावा कोई भी बाहरी व्यक्ति हिस्सा नहीं ले सकता। परिक्रमा सुबह चार घंटे में पूरा करके रोज यज्ञ होंगे, साधु-संत रोज बदलते रहेंगे, पहले दिन की टीम दूसरे दिन ट्रेन से वापस चली जाएगी। पूजा का मकसद है जिस प्रकार माता जानकी के लिए लक्ष्मण रेखा खींची गई थी, उसी प्रकार अयोध्या में चारों ओर 22 सितंबर से 13 अक्तूबर तक खास अनुष्ठान में लक्ष्मण रेखा खींच अभेद्य दुर्ग बनाना है, ताकि श्रीरामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का काम शुरू हो, तो कोई बाहरी बाधा प्रवेश न कर सके।
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