फैजाबाद। कचहरी सीरियल ब्लास्ट प्रकरण में शनिवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत में अर्जी देकर वादी के वकालत नामा पर किए गए हस्ताक्षर पर संदेह जताया। इस पर हस्ताक्षर प्रमाणित करने के लिए बार के पूर्व मंत्री व ब्लास्ट मामले के वादी मंसूर इलाही को अदालत में तलब किया गया है। आरोपी सज्जादुर्रहमान की जमानत अर्जी व अभियोजन साक्षी एटीएस के इंस्पेक्टर की गवाही भी नहीं हो सकी। अब मामले में गवाही व जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए अगली पेशी 25 मई नियत की गई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि शनिवार को कचहरी सीरियल ब्लास्ट की पेशी थी। इसकी सुनवाई जेल में अदालत लगाकर अपर जिला जज मोहम्मद हुसैन कर रहे हैं। गवाही के लिए अदालत से तलब किए गए अभियोजन पक्ष के गवाह व एटीएस के इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार चतुर्वेदी अदालत में उपस्थित थे। अभियोजन पक्ष से भी अर्जी दी गई जिसमें कहा गया कि अदालत में उपस्थित साक्षी मोटर साइकिल बरामदगी के गवाह हैं वह खुद तो मौजूद हैं लेकिन मूल फर्द बरामदगी नहीं लाए हैं वह बाराबंकी में इसी से संबंधित दूसरे मुकदमे में लगी है उसे तलब किया जाए। इस पर सुनवाई अगली पेशी पर होगी। मामले के चारों आरोपियों सज्जादुर्ररहमान, खालिद मुजाहिद, तारिक काशमी, मोहम्मद अख्तर उर्फ तारिक को लखनऊ जेल से लाकर जेल में लगी अदालत के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद उन्हें फिर यहां से लखनऊ जेल के लिए भेज दिया गया।