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जमीन की जंग ने बढ़ाए फौजदारी के मामले

Mon, 29 Apr 2013 05:30 AM IST
Faizabad
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केस नं. -1
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खंड पिपरा निवासी सत्य प्रकाश की भूमि को राजस्व निरीक्षक राजकुमार दूबे ने दूसरे की भूमि में निकाल दिया। उक्त भूमि की हदबरारी के लिए दर्जनों बार प्रार्थना पत्र दिया। दो हजार रुपये सरकारी खर्चा जमा कराने का आदेश हुआ। खर्च जमा होने के तीन माह बाद भी पीड़ित की भूमि की पैमाइश नहीं हो सकी।
केस नं. -2
जरायल खुर्द में स्कूल चकरोड एवं खेल मैदान से दबंगों का कब्जा हटवाने के लिए कई बार ग्रामीणों से मारपीट हुई। मुकदमा पंजीकृत हुआ। राजस्व निरीक्षक से जिलाधिकारी को बार-बार यही रिपोर्ट भेजी जा रही है कि भूमि से अवैध कब्जा हटा दिया है लेकिन उक्त भूमि पर गन्ने की फ सल लहलहा रही है। समस्या बरकरार है।
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केस नं. -3
मख्दूमपुर के कलीमुल्ला की बाग की भूमि पर दबंगों से अवैध कब्जे और मारने-पीटने का आरोप है और उन्हीं के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा भी पंजीकृत करा दिया गया लेकिन राजस्व विभाग आज तक इस भूमि विवाद का निपटारा नहीं करा सका। समस्या अभी भी बरकरार है।
केस नं. -4
ग्राम नया पुरवा मजरे सिपहिया कोटवा में रास्ता व खलिहान की भूमि पर कुछ लोगों का कब्जा है इसे हटवाने एवं रास्ता दिलवाने के लिए ग्रामीण पिछले तीन महीने से प्रार्थना पत्र दे रहे है लेकिन इसका निस्तारण शून्य हेै।

रुदौली। तहसील क्षेत्र में जमीनी विवाद के मामलों के निस्तारण की यह बानगी भर है। तहसील क्षेत्र में भूमि विवाद क ो लेकर कोई बड़ी घटना तो नहीं हुई लेकिन आए दिन मारपीट की घटना होती है। पुलिस भूमि विवाद के मामलों में पूरी तरह दिलचस्पी लेती दिखाई पड़ती है यहां तक की ज्यादातर मामले अपने डंडे के जोर पर वह खुद हल करा देती है जो एक नासूर बन जाता है। डीएम ने भूमि विवाद के मामलों में एसडीएम को गुणवत्तापरक निस्तारण की नसीहत दी लेकिन अभी उस पर अपेक्षा के अनुरूप अमल नहीं दिख रहा है।
जनवरी से अब तक आठ तहसील दिवसों में 358 राजस्व से जुड़ी शिकायतें दर्ज की गई इसमें भूमि विवाद चकरोड पर अवैध कब्जे, स्कूल की जमीन पर अवैध निर्माण, आबादी नाली एवं तालाबों की भूमि पर अवैध कब्जा व रास्ते से जुड़े मामले हैं। पुलिस विभाग के पास भूमि विवाद से जुड़े मामलों की फे हरिश्त तो नहीं है लेकिन राजस्व विभाग के पास इसका आंकड़ा जरूर मौजूद है। लेकिन सही रिकार्ड न तो पुलिस के पास और न ही तहसील प्रशासन के पास है। हालांकि तहसील प्रशासन अपने आंकड़ों के अनुसार 327 राजस्व से जुड़े मामलों का निपटारा कराने का दावा करता है लेकिन सच्चाई आंकड़ों से परे है। बताया जाता है कि 90 फीसदी भूमि विवाद के मामले में पुलिस से शांति भंग की धारा में एवं 30 फीसदी शिकायत कर्ताओं के मामलों में संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर दिया जाता है। जिसके चलते पीड़ितों को न्याय मिलने के बजाय मुकदमेबाजी बढ़ने की बात कही जाती है। यही घटना का रूप धारण कर लेती है।

इनसेट...
- भूमि विवाद से जुड़े मामलों में पुलिस का काम सुरक्षा मुहैया कराना है पुलिस न्यायालय के आदेशों का पालन कराती है। राजस्व अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई भी की जाती है। बड़े भूमि विवाद के मामलों की मॉनीटरिंग न हो पाना भी विवाद का कारण है।
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- संतोष कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी रुदौली

इनसेट...
- राजस्व से संबंधित शिकायतों की जांच कराई जाती है। रिपोर्ट असंतोषजनक लगने पर पुन: निस्तारण के लिए टीम भेजी जाती है। कार्रवाई के साथ-साथ गुणवत्तापरक निस्तारण पर विशेष जोर रहता है।
- रामसूरत पांडेय, उपजिलाधिकारी रुदौली

इनसेट...
सृजित पद के सापेक्ष तैनाती
- राजस्व निरीक्षक चार पदाें के सापेक्ष चार
- लेखपाल 72 के सापेक्ष 56
- नायब तहसीलदार दो के सापेक्ष एक
- तहसीलदार व तहसीलदार, न्यायिक के पद पर तहसीलदार की तैनाती।
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