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डेढ़ गुना बढ़ेगी फायरिंग रेंज तटबंध की लागत

Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
Faizabad
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फैजाबाद। डोगरा रेजीमेंट सेंटर की फायरिंग रेंज को सरयू नदी की कटान से बचाने के लिए बनने वाला तटबंध अब डेढ़ से दोगुना अधिक लागत में बनेगा। इसकी वजह कोई और नहीं, खुद डोगरा रेंजीमेंट बन रहा है। दरअसल, तटबंध के निर्माण में मुख्य अभियंता समिति के सुझावों पर सैन्य अधिकारियों ने अभी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं दिया है। एनओसी व स्वीकृति के लिए सरयू नहर खंड-एक की ओर से तीन महीने पहले ही पत्र दिया गया था। इसके बाद से कई रिमाइंडर भेजे गए, पर कमान मुख्यालय लखनऊ से स्वीकृति पत्र न मिल पाने से डीआरसी अधिकारियों ने एनओसी नहीं दी है। तटबंध के निर्माण कार्य में कुल करीब 59 करोड़ खर्च का अनुमान व्यक्त जता डिमांड भेजी गई थी। डोगरा रेजीमेंट सेंटर ने अपनी फायरिंग रेंज को सरयू नदी की कटान से बचाने के लिए सिंचाई विभाग से तटबंध बनवाने का अनुरोध किया था। प्रस्ताव के अनुसार सरयू किनारे गुप्तारघाट से मंगलसी घाट तक 10.400 किलोमीटर लंबा तटबंध बनना है। चार से पांच मीटर चौड़े और ढाई से तीन मीटर ऊंचाई वाले इस तटबंध के निर्माण कार्य में कुल करीब 59 करोड़ खर्च का अनुमान व्यक्त कर शासन से स्वीकृति व धन की डिमांड की गई थी। अफसर बताते हैं कि बीती 30 मई को हुई मुख्य अभियंता समिति की बैठक में अगर मंजूरी मिल जाती, तो अब तक प्रक्रिया और आगे बढ़ जाती, धन भी स्वीकृत हो जाता, मगर मुख्य अभियंता समिति ने कुछ बिंदुओं पर सवाल उठाते हुए प्रस्ताव लौटा दिया था। समिति ने फायरिंग रेंज बचाने के लिए ढाई किमी. सरयू नदी से सटकर तटबंध बनाने पर आपत्ति लगाई थी। दोबारा बने प्रस्ताव में अब फायरिंग रेंज का थोड़ा हिस्सा अधिग्रहीत होना है। जहां एकदम सटकर तटबंध बनना था, वहां करीब ढाई मीटर दूर बनेगा। सुधार के बाद सरयू नहर खंड-एक के अधिशासी अभियंता ने मिलिट्री अधिकारियों की सहमति के लिए तटबंध से जुड़े ले. कर्नल आरके सिंह के पास भेजा था। करीब तीन महीने बीतने के बाद भी अभी डोगरा रेजीमेंट की ओर से एनओसी नहीं दी गई है।
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