फैजाबाद। मोहर्रम को लेकर जिला प्रशासन की व्यवस्था चुस्त हो गई। लगभग तीन किमी की शहर की परिधि में 54 मजिस्ट्रेटों को तैनात करके मैदान में उतार दिया गया है। देहात क्षेत्र के लिए भी प्रशासन ने एसडीएम सहित अन्य को जिम्मेदारी सौंपी है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासन की चुस्ती किस स्तर की है। प्रशासन की निगाह मोहर्रम में 23 व 25 नवंबर पर खासतौर पर है। इसके अलावा जिला प्रशासन के बड़े अफसर स्वयं भी मोबाइल रहेंगे। चूक पर कार्रवाई के लिए धार पैनी बताई जा रही है। चौक, राठहवेली, इमामबाड़ा, फतेहगंज, गुदड़ी बाजार, रिकाबगंज, बल्लाहाता, नियावां, हसनू कटरा, मकबरा, मोती मस्जिद, हैदरगंज, सहादतगंज शहर के जिस भी क्षेत्र का नाम लेंगे, उसके नाम पर प्रशासन ने कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अस्थायी नियुक्ति कर दी है। इतना ही नहीं ड्यूटी लगाने के साथ ही प्रशासन ने इनकी तैनाती भी कर दी है। यह मजिस्ट्रेट कमान संभाल चुके हैं। जिले में एक बार बिगड़ी कानून व शांति व्यवस्था के बाद प्रशासन में हलचल अभी थमी नहीं है। जिले में गंभीरता का अंदाजा भी इसी से लगाया जा सकता है कि मोहर्रम पर होने वाले कार्यक्रमों के मद्देनजर पहली बार इतने बड़े स्तर पर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई। यह भी एक प्रकार से स्टेटिक मजिस्ट्रेट हैं, जो रात्रि में खासतौर से अपने क्षेत्रों में उपस्थित रहेंगे। अवर अभियंता और इंस्पेक्टर स्तर तक के अफसरों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूत्रों के मुताबिक प्रशासन की निगाह खासतौर से 23 व 25 नवंबर पर है। बताया गया कि 23 को आठवीं व 25 को दसवीं मोहर्रम है। दसवीं मोहर्रम पर ही शहर के विभिन्न स्थलों से जुलूस निकाले जाएंगे। इन दिन खास सतर्कता के लिए कहा गया है। शहर के साथ ही देहात क्षेत्र में शांति के लिए एसडीएम सहित अन्य को क्षेत्रों में मोहर्रम सकुशल निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्यपालक मजिस्ट्रेट रुटीन के उन मजिस्ट्रेटों से अलग हैं, जो दशहरा पर हिंसा और आगजनी के बाद शांति व्यवस्था के लिए लगातार ड्यूटी पर चल रहे हैं। अपर जिलाधिकारी नगर डॉ. अरविंद चौरसिया ने बताया कि मोहर्रम को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर मजिस्ट्रेटों की तैनाती करके ड्यूटी पर भेज दिया गया है।