फैजाबाद। तारकोल व गिट्टी से बनी सड़क पर कभी आपने मिट्टी से कार्य होते नहीं देखा होगा, पर फैजाबाद जिले में डामर वाली सड़क की मरम्मत मिट्टी से हो रही। यह पढ़कर सहसा आप भी विश्वास नहीं करेंगे, पर ऐसा हुआ है। यह कारनामा लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने कर दिखाया है। सड़कों की मरम्मत मिट्टी से होते देख क्षेत्रीय लोगों को भी अचरज हुआ। सरकारी महकमे की इस कारस्तानी पर कई ने सवाल भी उठाए, किंतु उनकी आवाज नक्कारखाने की तूती के मानिंद दब गई। नतीजतन, विभागीय अफसरों ने जिला प्रशासन की शह पर मनमाने कार्य को अंजाम दे दिया। पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार अफसर भी इसे स्वीकारते हैं, पर उनका तुर्रा यह है कि आनन-फानन में ऐसा हुआ है। दोबारा मरम्मत करायी जाएगी। चालू वित्तीय वर्ष में जिले के बदहाल प्रमुख सड़क मार्गों की मरम्मत लोक निर्माण विभाग ने मिट्टी व ईंट के टुकड़ों से करायी है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों को मिट्टी व ईंटों से पटवाया है। अधिकांश मार्गों पर मिट्टी ही डाली गई है। जो संपर्क मार्ग मुख्य मार्ग से सटे हैं या फिर जिन पर प्रशासनिक अफसरों का आवागमन ज्यादा रहता है, वहां ईंटों के टुकड़े डलवाए गए हैं। इतना ही नहीं ईंट के टुकड़े व मिट्टी डलवाकर अधिकारियों ने सिर्फ कागजी कोरम पूरा किया है। जहां मिट्टी व ईंट टुकड़े डाले गए हैं, उसे भी पटवाने या फिर कुटवाने की जहमत नहीं उठाई गई। ऐसी स्थिति में इन मार्गों से गुजरने वाले राहगीर किसी तरह जान जोखिम में डाल गुजर रहे हैं। अन्यथा, थोड़ी-सी भी असावधानी उन्हें चोटिल कर देती है। जिले के रुदौली-भेलसर संपर्क मार्ग, मिल्कीपुर-अमानीगंज संपर्क मार्ग, रौनाही-ड्योढ़ी बाजार संपर्क मार्ग आदि ऐसे प्रमुख मार्ग हैं, जहां ऐसा कारनामा हुआ है। विभागीय जानकार बताते हैं कि ऐसा करके अफसरों ने मरम्मत के नाम पर आने वाले बजट की हेराफेरी की जुगत की है। डामर वाली सड़क पर भले मिट्टी व ईंट टुकड़े डाले गए हैं, लेकिन कागजों पर गिट्टी व डामर दर्शाकर ‘खेल’ हो जाएगा। ऐसा भी नहीं है कि अफसर इससे गुरेज कर रहे हों। वह बड़ी साफगोई से मिट्टी व ईंटें डाल जाने की बात स्वीकारते हैं। उनका कहना है कि बजट न होने के चलते ऐसा किया गया है। छात्र रालोद के प्रदेश महासचिव सुनील तिवारी शास्त्री का कहना है कि मिट्टी डालकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। इसकी जांच कर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।