धूमधाम से मनाई गई भगवान ऋषभदेव की जयंती
अयोध्या। रामनगरी स्थित जैन मंदिर में भगवान ऋषभदेव की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर गणिनी प्रमुख आर्यिका शिरोमणि ज्ञानमती माता, चंदनामती माता एवं कर्मयोगी पीठाधीश रवींद्रकीर्ति स्वामी के सानिध्य में विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए।
झंडारोहण के बाद रथ द्वारा गाजे-बाजे के साथ भगवान की जन्मकल्याणक शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा प्रात: 9 बजे दिगंबर जैन मंदिर से निकलकर हनुमान गढ़ी, श्रंगारहाट, शास्त्रीनगर, देवकाली, तुलसी उद्यान होते हुए स्वर्गद्वार आदिनाथ मंदिर पर संपन्न हुई, जहां पर भगवान आदिनाथ मंदिर टोंक पर भगवान आदिनाथ का पंचामृत अभिषेक हुआ।
इसके बाद रथ यात्रा वापस दिगंबर जैन मंदिर, बड़ी मूर्ति रायगंज पहुंची, जहां 31 फिट उत्तुंग भगवान ऋषभदेव का महामस्तकाभिषेक जल, दूध, दही, केशर से किया गया।
इस अवसर पर गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता ने अपने आशीर्वचन में कहा कि जैन शास्त्रों में वर्तमानकाल के 24 भगवानों के साथ भूतकाल एवं भविष्य काल के 24-24 भगवंतों का उल्लेख आता है।
उन्होंने बताया कि इस वर्तमानकाल में युग की आदि में भगवान ऋषभदेव का जन्म जैनधर्म के प्रथम तीर्थंकर के रूप में धर्म प्राणनगरी अयोध्या में हुआ था। संध्या काल में भगवान की मंगल आरती के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस मौके पर पं. विजय कुमार जैन, कोमलचंद, आदीश कुमार जैन, सिद्धार्थ जैन आदि मौजूद रहे।