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150 करोड़ से अयोध्या को पुल, घाट और बिजली आपूर्ति का तोहफा

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जिले को पुल, घाट और विद्युत उपकेंद्र का तोहफा
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अयोध्या। जिले को 150.5 करोड़ की लागत से पुल, घाट और बिजली आपूर्ति के लिए शहर में एक उपकेंद्र बनाने का तोहफा मिला है। 138 करोड़ की लागत से सालों से लटके पड़े ढेमवाघाट पुल का काम पूरा हो गया है।

एक पखवारे के भीतर सेतु निगम इसकी क्लीयरेंस दे सकता है। इसी के साथ पीडब्ल्यूडी विभाग ने पुल पर सड़क बनाने का काम भी शुरू कर दिया है। उधर, 8 करोड़ से पौराणिक लक्ष्मणघाट का कायाकल्प शुरू हो गया है।
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घाट से लक्ष्मण किला मंदिर की सीढ़ियां जुड़ जाने के साथ भव्य उद्यान पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होगा। इस बीच शहर के लालबाग व चौक के उपकेंद्र पर बढ़ते लोड से इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड ने 4.5 करोड़ से शहर में नया विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने की स्वीकृति दी है।

जिला प्रशासन ने भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू की है। गोंडा और अयोध्या जनपद को जोड़ने वाला ढेमवा घाट पुल सरयू पर बनकर तैयार हो गया है। पुल बन जाने से गोंडा की दूरी करीब 40 किमी. कम हो जाएगी।

लोकसभा चुनाव की अधिसूचना से पहले इसका उद्घाटन हो सकता है। नदी पार से प्रतिदिन आने जाने वाले सैकड़ों लोगों के साथ छोटे-बड़े वाहनों का आना-जाना शुरू होते ही कारोबार और रिश्ते-नाते में आना-जाना सुगम हो जाएगा।

सेतु निगम द्वारा 138 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे इस दोहरी सड़क वाले पुल का शिलान्यास 15 अक्तूबर 2015 को हुआ था। इसका निर्माण तीन वर्ष में पूरा होना था, मगर जांच में नदी के भीतर एक पिलर टेढ़ा हो जाने से कार्य निर्माण अवधि चार माह बढ़ गई।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई जांच में लापरवाही के आरोपी निगम के तीन अभियंताओं पर कार्रवाई भी हो चुकी है। पुल के आखिरी पिलर को रविवार को जोड़ने के काम को अंतिम रूप देने में लगे निगम के सहायक अभियंता एमएस चौहान ने बताया पुल निर्माण का कार्य 99 फीसदी पूरा हो गया है।

पुल का शेष कार्य पूरा करने में अधिकतम पखवारा भर लगेगा। रामनगरी में प्रवाहित पावन नदी सरयू के प्रमुख घाटों में शामिल पौराणिक लक्ष्मणघाट का वैभव फिर लौटेगा। आठ करोड़ की लागत से बदहाल पड़े लक्ष्मणघाट के विस्तारीकरण का काम शुरू हो चुका है।

नया लक्ष्मणघाट 108 मीटर लंबा होगा और घाट की सीढ़ियों को लक्ष्मण किला मंदिर से जोड़ा जाएगा। घाट के चारों तरफ भव्य लैंड स्केपिंग करने की भी योजना है।

सरयू के कई प्राचीन घाट चक्रतीर्थ, प्रहलादघाट, ब्रह्मकुंड, कौशल्याघाट, कैकेयीघाट, लक्ष्मण आदि घाट बदहाली के पर्याय बने हुए हैं। यह स्थिति तब है जब सभी घाटों का कोई न कोई पौराणिक इतिहास एवं मान्यता है।

सरयू नहर खंड के अधिशासी अभियंता जय सिंह बताते हैं कि करीब आठ करोड़ की लागत से लक्ष्मणघाट के विस्तारीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। पुरानी सीढ़ियों की मरम्मत कराई जाएगी।

लक्ष्मण किला मंदिर से सीढ़ियों को जोड़ा जाएगा। घाट के चारों तरफ भव्य लैंड स्केपिंग भी की जाएगी। स्लोप, हरी घास, पेड़-पौधे व बेंच भी लगाए जाएंगे।

गर्मियों में शहर की विद्युत समस्याओं के दृष्टिगत इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड ने मुख्य शहर में नया उपकेंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह उपकेंद्र पावर कॉर्पोरेशन की आईपीडीएस योजना के तहत लगभग 4.5 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा।

बताया जा रहा है कि इसके लिए भूमि फाइनल हो चुकी है। अब भूमि पावर कॉर्पोरेशन को स्थानांतरित की जानी है। इसके बाद 33/11 केवीए का नया उपकेंद्र स्थापित हो सकेगा। यह उपकेंद्र शहर के बीचो-बीच स्थापित होगा।

इस उपकेंद्र से चौक व लालबाग के विद्युत उपभोक्ताओं को जोड़कर लोड दोनों फीडरों के लोड को कम किया जाएगा। दोनों फीडरों पर लगभग 10 हजार उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन हैं।
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विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता मनोज गुप्ता ने बताया कि भूमि के मिलते ही कार्य शुरू होगा। साथ ही एबीसी वायर शहर में लगने का कार्य शुरू हो गया है।
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