परीक्षा केंद्र बने सरकारी स्कूलों में नहीं लगे कैमरे
फैजाबाद। सरकार के नकलविहीन परीक्षा कराने के सख्त निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सीसीटीवी कैमरे से युक्त परीक्षा केंद्रों में परीक्षा कराने का निर्णय लिया है, लेकिन राजकीय व सहायता प्राप्त स्कूलों में अभी तक कैमरे नहीं लग सके। डीआईओएस ने परीक्षा से पूर्व सभी विद्यालयों में कैमरे लगाने का आदेश दिया है।
यूपी बोर्ड की परीक्षा नकलविहीन कराने के लिए इस बार कई नए प्रयोग किए गए, लेकिन व्यवस्थाएं आज भी बदहाल हैं। शिक्षा माफिया पर अंकुश लगाने व परीक्षाओं में हो रही धांधली को रोकने के लिए सरकार ने ऑनलाइन परीक्षा केंद्र निर्धारण की नीति तैयार की। जिसमें मानक के अनुसार कमरे, पहुंच की सुलभता, शौचालय व पेयजल समेत तमाम मूलभूत व्यवस्थाओं के साथ सीसीटीवी कैमरे की अनिवार्यता का फरमान जारी किया गया। केंद्र निर्धारण में राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों को प्राथमिकता दी गई। लेकिन राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों में इसका अनुपालन आज तक नहीं हो सका। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सहायता प्राप्त 50 विद्यालयों में इस बार 43 विद्यालय केंद्र बनाए गए। जिनमें से करीब 6-7 विद्यालय आज भी कैमरा रहित हैं। वहीं केंद्र बने जिले के सभी आठ राजकीय स्कूलों में भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लग सके हैं। विभाग के अनुसार आरडी इंटर कॉलेज सोहावल, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सलोनिया सोहावल, जीजीआईसी गौहनिया, जाफर मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज जगनपुर समेत शहर के कई राजकीय स्कूलों में कैमरे नहीं लग सके है। सरकार की ओर से मद निर्धारण न होने को इसे हीलाहवाली का कारण माना जा रहा है। बोर्ड मानकों में इसे प्रमुखता से शामिल किया गया था। फिलहाल विभागीय अधिकारी द्वारा परीक्षा से पूर्व ही सभी स्कूलों को सीसीटीवी से लैस करने का दावा किया जा रहा है।
सभी सहायता प्राप्त स्कूलों को एक सप्ताह के भीतर कैमरे लगवाने का निर्देश दिया है। सभी राजकीय स्कूलों में भी परीक्षा से पूर्व हर हाल में कैमरे लगवाए जाएंगे। -डॉ राजेश कुमार आर्य, डीआईओएस फैजाबाद