मवई। क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला को चीरा लगाने के बावजूद नसबंदी न किए जाने पर आक्रोशित परिवारीजनों ने नसबंदी टीम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। फोन पर सीएमओ ने जब जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब परिवारीजन शांत हुए।
सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मवई में लखनऊ की कड्स संस्था ने नसबंदी कैंप का आयोजन किया था। इसमें केके हॉस्पिटल लखनऊ की सर्जन डॉ. ऊषा जैन की टीम की ओर से नसबंदी की जा रही थी। आरोप है कि सावित्री पत्नी मोहनलाल निवासी मोहम्मदपुर बाराबंकी को नसबंदी के लिए ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया।
वहां चीरा लगाने के बाद उन्हें वापस कर दिया गया। चीरा लगाकर बिना नसबंदी वापस आई महिला को देखकर परिवारीजन आक्रोशित हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल हो गया।
पीड़ित महिला के पति मोहनलाल का आरोप है कि जब नसबंदी नहीं करनी थी तो पहले ही वापस भेज देते, चीरा क्यों लगाया गया। परिवारीजनों ने ऑपरेशन कर रहे सर्जन को ऑपरेशन थियेटर से बाहर निकलकर जवाब देने को कहा, जिस पर वे देर शाम तक बाहर ही नहीं निकले।
बाद में सीएमओ फैजाबाद को फोन पर शिकायत की गई और कार्रवाई की मांग की गई। मामले को उग्र होता देख सीएमओ ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. निखिल आर्या ने बताया कि नसबंदी कैंप का आयोजन कड्स संस्था की ओर से हुआ था। इसमें केके हॉस्पिटल के सर्जन आए थे। पीड़ित द्वारा शिकायत पत्र मिलने पर उच्च अधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट भेजी जाएगी।
लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई
सीएमओ डॉ. अशोक गुप्ता ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है, जांच कराई जा रही है। अगर लापरवाही हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।
आरोप बेबुनियाद
नसबंदी टीम की सर्जन डॉ. ऊषा जैन ने बताया कि नसबंदी के दौरान महिला की वह नस नहीं मिल सकी, जिसे काटकर नसबंदी की जाती है। परिजनों द्वारा लगाए जा रहा आरोप बेबुनियाद है।