दोनों मामलों में माल की ढुलाई गलत प्रपत्रों के आधार पर की जा रही थी। सचल दल के वाणिज्य कर अधिकारी डॉ. रामचंद्र वर्मा लखनऊ-अंबेडकरनगर राजमार्ग पर दर्शननगर के समीप वाहनों की जांच कर रहे थे।
इसी दौरान उन्होंने एक डीसीएम रोककर जांच की, तो उसमें भारी मात्रा में कच्ची तंबाकू लदी पाई गई। कागजातों की जांच से पता चला कि तंबाकू गोंडा की आदिल टोबैको कमीशन एजेंट फर्म से झारखंड के चतरा जनपद में एक व्यक्ति को भेजी जा रही थी।
मगर सेल इनवॉयस पर क्रेता का पूरा पता और मोड ऑफ पेमेंट दर्ज नहीं था। इस पर टीम ने कार्रवाई करते हुए व्यापारी को 15 फीसदी की दर से जुर्माना जमा कराने का निर्देश दिया।
जिसके बाद तीन लाख 30 हजार रुपये की तंबाकू पर साढ़े 49 हजार रुपये जमा किए गए। इसी तरह सिद्धार्थनगर से जिले के इंडस्ट्रियल एरिया हरीपुर जलालाबाद जा रहे एक ट्रक गेहूं के पकड़े जाने मामले में 34 हजार रुपये का जुर्माना जमा कराया गया। डेढ़ सौ क्विंटल गेहूं की कीमत करीब ढाई लाख बताई जा रही है। इसमें क्रेता फर्म का टिन गलत दर्ज था।