सुमतिनाथ के महामस्तकाभिषेक को लेकर निकाली शोभायात्रा
अयोध्या। जैन मंदिर में गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता के पावन सानिध्य में संचालित भगवान सुमतिनाथ पंचकल्याणक व महामस्तकाभिषेक महोत्सव के दूसरे दिन शहर में भव्य रथयात्रा व शोभायात्रा निकली गई।
गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा में भक्त झूमते गाते रहे। इससे पूर्व सुबह पंचकल्याणक विधान की पूजा हुई। विधिविधान के साथ प्रतिष्ठाचार्य द्वारा भगवान के जन्म की घोषणा होते ही सारा पांडाल भगवान सुमतिनाथ के जय-जयकार से गूंजने लगा।
भक्तों द्वारा रत्नों की वर्षा, विशेष तोप के द्वारा पुष्पों की वर्षा की गई। भगवान के जन्म पर उनके पालने झुलाने का कार्यक्रम रखा गया। जिसमें खचाखच भरे पंडाल में बैठे हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के पालना झुलाने का पुण्य अर्जित किया।
इस अवसर पर बालक्रीड़ा का भी आयोजन किया गया। भगवान के जन्मकल्याणक महोत्सव में गणिनीप्रमुख ज्ञानमती माताजी ने कहा कि प्रभु का जन्म होते ही नैसर्गिक वातावरण रमणीय और सुंदर हो जाता है।
उस समय समस्त दिशाएं स्वच्छ हो जाती हैं। आकाश भी निर्मल हो जाता है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि मानो भगवान के गुणों की निर्मलता का वे अनुकरण कर रहे हों।
इसलिए आवश्यकता है कि प्रत्येक भक्त को पंचकल्याणकों में निहित भावना को भी अच्छी तरह जाना जाये, जिससे प्रत्येक का अधिक से अधिक कल्याण हो। कार्यक्रम में स्वामी रवींद्र कीर्ति, चंदनामती माता, सिद्धार्थ जैन सहित अन्य मौजूद रहे।