अयोध्या। रामनगरी में बस अड्डा का निर्माण अधर में है। संस्कृति विभाग की 5 एकड़ जमीन पर बनने वाले बस अड्डे के लिए निर्धारित भूमि ही अभी तक उपलब्ध नहीं हो सकी है। 5 एकड़ जमीन में 5.25 एकड़ जमीन तो उपलब्ध हो गई है लेकिन अब भी 0.75 एकड़ जमीन अधिग्रहीत नहीं हो पाई है। इन जमीनों पर काबिज किसान जमीन छोड़ने को तैयार नहीं है, जिसके चलते बस अड्डा निर्माण शुरू ही नहीं हो पाया है।
उधर 14 अगस्त को एक बार फिर अयोध्या आ रहे मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन हलकान है। संस्कृति व पर्यटन विभाग ने निर्माण के अवरोधों को दूर करने को लेकर बैठक की है।
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल अयोध्या के पर्यटन विकास के कार्यों में बार-बार रोड़ा लग रहा है। बस अड्डे के लिए आवश्यक जमीन अभी अधिग्रहीत नहीं हो सकी है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी जमीन का अधिग्रहण कर उन्हें पैसा नहीं दिया जाएगा, तब तक काम नहीं करने देंगे।
विगत दिनों बस अड्डे के निर्माण के लिए भूमि की व्यवस्था व 6.50 करोड़ रुपये की मंजूरी के बाद निर्माण की कवायद तेजी से शुरू हुई थी। यही नहीं, गोरखपुर लखनऊ हाइवे पर अयोध्या के किनारे स्थित मांझा बरेहटा स्थित संस्कृति विभाग की जमीन पर बन रहे बस अड्डे की जमीन पर बालू माफिया ने भी बालू का ढेर लगा रखा है, यही नहीं, चयनित जमीन पर स्थानीय किसान भी अपना दावा कर रहे हैं और शासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
मुआवजे के लिए एक प्रतिनिधिमंडल विगत दिनों डीएम से मिल भी चुका है। वहीं 14 अगस्त को मुख्यमंत्री एक बार फिर अयोध्या आ रहे हैं, वे विकास कार्यों की अद्यतन प्रगति भी जान सकते हैं जिसको लेकर सरकारी तंत्र सक्रिय है, बैठकों का दौर तेज हो गया है।
स्थानीय किसान काम में अडंगा डाल रहे हैं, जिला प्रशासन न जमीन को कब्जा मुक्त करवा पा रहा है न ही मुआवजा मांग रहे किसानों को संतुष्ट कर पा रहा है जिसके कारण अयोध्या में बनने वाले बस अड्डे के निर्माण में पेंच फंसा हुआ है, जैसे ही अड़ंगा समाप्त होगा, कार्य शुरू हो जाएगा।
- एस के तायल, परियोजना प्रबंधक, राजकीय निर्माण निगम