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सावन माह में होगी प्रशासन की अग्नि परीक्षा

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अयोध्या। सावन में प्रशासन की अग्नि परीक्षा होगी। 28 जुलाई से सावन माह की शुरूआत हो रही है। इसके साथ ही 13 अगस्त से अयोध्या के प्रांतीय सावन झूला मेले की शुरूआत होगी। इस दौरान सावन की शुरूआत से ही कांवड़ियों का रेला उमड़ने लगेगा। ए
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क पखवारे तक चलने वाले सावन झूला मेले में भी कई लाख श्रद्धालु अयोध्या में होंगे। इनकी सुरक्षा व सुविधा को लेकर प्रशासन तैयारियों में जुटा है। प्रशासन व पुलिस के अधिकारी लगातार बैठक कर इंतजामों की समीक्षा कर रहे हैं। साथ ही अपने मातहतों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

प्रशासन की पहली परीक्षा 30 जुलाई को होगी। इस दिन सावन का पहला सोमवार पड़ रहा है। इस दौरान कांवड़ियों के साथ आसपास के श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। इसके अलावा 6, 13 व 20 अगस्त को पड़ रहे सोमवार के अलावा 13 अगस्त को अयोध्या का मणि पर्वत मेला, 15 को नागपंचमी, 17 को गोस्वामी तुलसीदास जयंती व 26 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा व रक्षाबंधन का पर्व पड़ेगा।
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इन तिथियों पर अयोध्या में लाखों श्रद्धालु अयोध्या में रहेंगे। इनकी सुरक्षा के लिए प्रशासन ने रणनीति बना ली है। एसपी सिटी अनिल सिंह सिसौदिया का कहना है कि मेले को सकुशल निपटाने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मेले क्षेत्र में करीब तीन दर्जन चुने हुए स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं तो वहीं कहीं कांवड़ियों के भेष में कोई अराजकतत्व न घुस जाए, इसके लिए कांवड़ियों की टोली में सादी वर्दी में पुलिस कर्मी भी तैनात किए जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार प्रशासन मेला क्षेत्र, हाईवे पर कांवड़ियों के गुजरने वाले रास्तों पर ड्रोन कैमरों व चॉपर का भी इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है। इस दौरान अयोध्या के घाटों व मंदिरों के साथ चप्पे-चप्पे पर पुलिस, पीएसी व अर्ध सैनिक बलों के जवानों के साथ-साथ बम, डॉग स्क्वॉयड व सादी वर्दी में पुलिस व खुफिया विभाग के लोग तैनात किए जाएंगे।

उधर, लगातार चल रहीं बैठकों में पुलिस अधिकारी मातहतों को सुरक्षा को लेकर दिशा निर्देश दे रहे हैं। बैठक के बाद अधिकारी मेले को सकुशल निपटाने का दावा भी कर रहे हैं। फैजाबाद रेंज के आईजी ओंकार सिंह के अनुसार सीएम के निर्देशानुसार सुरक्षा का मजबूत जाल बिछाया गया है, पूरा मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगाह रखी जाएगी।

ये स्थल बनेंगे चुनौती
सावन में अयोध्या आने वाले कांवड़ियों व श्रद्धालुओं का पहला पड़ाव सरयू तट होता है, वे यहां स्नान, पूजन कर राम की पैड़ी स्थित श्रीनागेश्वर नाथ मंदिर में भोले का दर्शन करते हैं। भीड़ का सबसे ज्यादा दबाव इसी नयाघाट क्षेत्र में होता है, ऐसे में यहां भीड़ को नियंत्रित करना और पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध करना प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा हनुमानगढ़ी, कनक भवन व श्रीरामजन्म भूमि पर भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं का जमावड़ा होता है, ऐसे में यहां तक पहुंचने के लिए नयाघाट से लेकर हनुमानगढ़ी चौराहे तक का मुख्य मार्ग समेत उपरोक्त तीनों धार्मिक स्थल पर भीड़ को नियंत्रित करना भी आसान नहीं होगा।


ट्रैफिक नियंत्रण भी होगी चुनौती
पुलिस प्रशासन के पास सुरक्षा इंतजामों के साथ ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करना भी चुनौती होगी। विशेषकर अयोध्या से बस्ती, गोंडा व फैजाबाद हाईवे, जहां प्रतिदिन लाखों वाहन गुजरते हैं, इन्हीं रास्तों से ही कांवड़ियों का दल भी गुजरेगा, ऐसे में ट्रैफिक नियंत्रण व सुचारु आवागमन दोनों प्रशासन के लिए चुनौती होगा। वहीं, मुख्य पर्व पर जहां अयोध्या में प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा, तो गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, अंबेडकरनगर, सुलतानपुर व बाराबंकी से आने वाले कांवड़ियों की भीड़ के चलते पुलिस प्रशासन हाईवे की एक लेन सुरक्षित करने का इंतजाम कर रहा है।
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