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362 शिक्षकों के सत्यापित डाटा निकले फर्जी

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362 शिक्षकों के पैन व आधार नंबर निकले फर्जी
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फैजाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में तैनात शिक्षकों के ऑनलाइन सत्यापित डॉटा में भी फर्जीवाड़ा सामने आया है। विश्वविद्यालय की जांच में 362 शिक्षकों के सत्यापित डाटा फर्जी मिले हैं। इसमें 191 शिक्षकों का पैन कार्ड और 171 का आधार कार्ड नंबर फर्जी पाया गया है। कुलसचिव संजय कुमार ने संबंधित शिक्षक व महाविद्यालयों के विरुद्ध कूट रचना करने के आरोप में वैधानिक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय संबद्ध स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में तैनात शिक्षकों का ब्योरा कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने ऑनलाइन करने का आदेश दिया था। जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यरत 6445 शिक्षकों का डाटा कंप्यूटरीकृत किया तो, परीक्षणोपरांत 1528 ऐसे शिक्षक पाए गए, जो एक से अधिक महाविद्यालयों में पढ़ाते दिखाए गए थे। कुलसचिव संजय कुमार ने बताया कि मामले में महाविद्यालयों के प्रबंधन से तैनात शिक्षकों का विवरण टीचर प्रोफाइल पर भरते हुए कॉलेज लॉग-इन के माध्यम से सत्यापित कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही अनिवार्य किया गया कि प्रत्येक शिक्षक के विवरण को आधार नंबर से जोड़े और वेतन का उनके बैंक खाते के माध्यम से दें। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर सभी शिक्षकों को अनिवार्य रूप से टीचर प्रोफाइल में आधार नंबर, पैन नंबर, बैंक का नाम, खाता संख्या, आईएफएससी कोड, ईमेल आईडी व मोबाइल नंबर भरने को कहा गया। तीन बार नोटिस के बाद 15 जनवरी 2018 को अपनी वेबसाइट के पोर्टल पर शिक्षकों का डाटा अपलोड किए जाने के निर्देश समस्त डिग्री कॉलेजों को दिए थे। इसमें 632 में से मात्र 398 महाविद्यालयों ने निर्धारित कार्य को समय सीमा के भीतर पूर्ण कर लिया। 52 स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों ने शिक्षकों की प्रोफाइल तो भरा लेकिन इनके डाटा को सत्यापित नहीं किया। यही नहीं 171 महाविद्यालयों अपने शिक्षकों का डाटा देने में कोई रुचि नहीं दिखाई। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने 52 स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों को एक सप्ताह का मौका दिए जाने का नोटिस दिया। जबकि 171 महाविद्यालयों को ब्लैक लिस्ट करते हुए आगामी सत्र में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया। बार-बार निर्देशों की अवहेलना करने पर इस वर्ष इनको परीक्षा केंद्र न बनाए जाने का निर्णय लिया। इसके अलावा 171 महाविद्यालयों के नए पाठ्यक्रम संचालन की अनुमति दिए जाने पर भी रोक लगा दी।
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कुलसचिव संजय कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जिन 398 महाविद्यालयों ने अपने शिक्षकों का डॉटा विश्वविद्यालय के पोर्टल पर सत्यापित किया था, उसकी जांच की तो इसमें 362 शिक्षकों के पैन व आधार नंबर फर्जी पाए गए। इसमें 171 शिक्षकों के आधार नंबर व 191 शिक्षकों के पैन नंबर फर्जी हैं। कहा कि, इसके लिए शिक्षकों व संबंधित महाविद्यालयों को दोषी मानते हुए नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
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पीएचडी व नेट के सत्यापन से होगा बड़ा खुलासा
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में फर्जीवाड़े की कहानी काफी लंबी है। विश्वविद्यालय के कार्य परिषद के सदस्य ओम प्रकाश सिंह बताते हैं कि अगर नेट व पीएचडी की डिग्रियों का भौतिक सत्यापन किया जाए तो, बड़ी संख्या में शिक्षकों की डिग्रियां फर्जी मिल सकती हैं। यह इन सबसे बड़ा खुलासा होगा।
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