शासन के निर्देश पर राजस्व कर्मियों संग जुटे अफसर
फैजाबाद। नगर निगम अयोध्या बनाए जाने के बाद अब इसके सीमा विस्तार को लेकर कार्रवाई तेज हो गई है। प्रदेश शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन के अफसर राजस्व कर्मियों के साथ रात-दिन इसको अंतिम रूप देने में लग गए हैं। शीघ्र ही इसका प्रस्ताव शासन को भेजे जाने की उम्मीद है।
योगी सरकार ने मई 2017 में अयोध्या के नाम से नगर निगम बनाए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद यहां मशीनरी शिथिल रही। नगर आयुक्त सहित कुछ अफसरों की तैनाती के अलावा अब तक कुछ खास नहीं हो पाया है।
अब प्रदेश शासन ने नगर निगम अयोध्या के सीमा विस्तार संबंधी प्रस्ताव भेजे जाने का निर्देश दिया है। निर्देश के मुताबिक, नए प्रस्ताव को लेकर प्रशासन में हलचल मच गई है। नगर निगम के प्रशासक के तौर पर डीएम एसके राय ने इसे तैयार कराने का निर्देश दिया है।
अब तक नगर निगम में केवल पूर्व की फैजाबाद और अयोध्या नगर पालिकाओं का क्षेत्र ही निगम में शामिल है। हालांकि सीमा विस्तार का काम निगम का है लेकिन निगम नया होने के कारण प्रशासक व डीएम इस कार्य को करा रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो सीमा विस्तार को लेकर तहसील सदर और सोहावल के राजस्व कर्मियों के साथ प्रशासन के अफसर इसको अंतिम रूप देने में जुटे हैं। चर्चा है कि दोनों तहसीलों के गांव इस नए सीमा विस्तार में लिए जा सकते हैं।
गांव और उनकी जमीन गाटा संख्या की फेहरिश्त तैयार की जा रही है। यह प्रस्ताव शीघ्र ही भेजे जाने की उम्मीद है। एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय ने भी नगर निगम के सीमा विस्तार का प्रस्ताव तैयार किए जाने की पुष्टि की है। बताया कि प्रस्ताव तैयार करवाया जा रहा है। जल्दी ही इसको शासन को भेजा जाएगा।
पहले भी हुई थी सीमा विस्तार पर कवायद
नगर निगम बनने के पहले फैजाबाद व अयोध्या नगर पालिकाओं के सीमा विस्तार की कवायद हो चुकी है। हालांकि अब नए सिरे से यह प्रस्ताव बनाया जा रहा है लेकिन मई 2016 में नगर पालिका फैजाबाद में 24 गांव और नगर पालिका अयोध्या में 13 गांवों को जोड़े जाने का प्रस्ताव किया गया था।
नगर विकास विभाग ने इस पर आपत्तियां मांगी थी। कुल 37 आपत्तियां आई थीं, इसका भी निस्तारण कर दिया गया था लेकिन पालिकाओं के सीमा विस्तार के बजाए पहले सीधे तौर पर योगी सरकार ने निगम बनाए जाने की घोषणा की। अब नए सिरे से सीमा विस्तार का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।