योगी ने दिया एनडी विवि में फसलों के शोध केंद्र को मंजूरी
फैजाबाद। नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय में फसलों के लिए एक शोध केन्द्र खोले जाने की मंजूरी दे दी गयी है। योगी सरकार ने सूबे के पहले बजट में इस विवि में शोध केंद्र के लिए भी राशि तय की है।
अवध क्षेत्र के एकमात्र इस कृषि विवि में कृषि को बढ़ावा देने के साथ विलुप्त हो रहे बीजों को बचाने, उत्पादन व उत्पादकता में और इजाफा करने पर जोर दिया जाएगा। इससे विवि प्रशासन समेत छात्र-शिक्षकों में खुशी है।
विवि के कुलपति प्रो. अख्तर हसीब ने बताया कि शोध केंद्र मिलने से धान पर बेहतर शोध का काम किया जा सकता है। मसलन, काला नमक व खुशबू वाला धान है, किसानों को वही धान तैयार करना होगा जो मांग के अनुरुप हो।
इसी वजह से शोध केन्द्र की पूरी परियोजना पांच करोड़ रुपये तक बनायी गई है। बताया कि केन्द्र का उद्देश्य कृषि के साथ किसानों की आय बढ़ाने पर होगा। एक अनुमान के मुताबिक कीट व अन्य चीजों से 36 फीसदी का नुकसान होता है।
अगर केमिकल रहित और जमीन प्रदूषण मुक्त हो तथा जलवायु एवं मृदा खेती पर ध्यान दिया जाये तो किसानों की आय डेढ़ हजार रुपये से बढ़कर 10 हजार रुपये तक हो सकती है। यह केन्द्र पर शोधों के जरिये से किसानों की मूल समस्या संसाधन और धन की कमी दूर की जा सकेगी।
विवि के छात्र नागेश उपाध्याय, निधि मिश्रा व अतुल श्रीवास्तव ने खुशी जताई और कहा कि इससे कृषि के क्षेत्र में बेहतर सुधार होगा। वहीं विवि के अधिष्ठाता डॉ. एचएन सिंह, डॉ. प्रकाश सिंह, डॉ. एएच खान व मेरठ में कार्यरत डॉ. एचपी सिंह, रचना वर्मा व रजिस्ट्रार पीके सिंह ने इसे बेहतर प्रयास बताया।