बारिश से सब्जियों के दाम में महंगाई का तड़का
फैजाबाद। महंगाई से जूझ रहे शहरवासियों के लिए बरसात ने तड़के का काम किया है। एक बार फिर से शहर में सब्जियों के दाम में भारी उछाल आ गया है। शहर की थोक मंडी में सब्जियों की आवक कम हुई है।
इसका असर सब्जियों की फुटकर मंडी पर दिखाई देने लगा है। एक माह में फुटकर सब्जियों के दाम में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हरी सब्जियों के अलावा टमाटर व प्याज के मूल्य में भी बढ़ोत्तरी हुई है।
जिले पूरे जुलाई माह में बरसात न होने के कारण सब्जी किसानों की खेती प्रभावित हुई थी। अब जुलाई के अंत में पिछले तीन दिनों में 90 मिमी. से अधिक वर्षा के बाद किसानों के खेत में पानी लग गया है।
किसानों अपनी हरी सब्जियां खेतों में पानी लग जाने के कारण तोड़ नहीं पा रहे है। इससे थोक व फुटकर मंडी में हरी सब्जियों की सप्लाई नहीं हो पा रही है। कुछ ग्रामीण इलाकों से जो सब्जियां आ भी रही हैं तो उनके मूल्यों में तेजी से वृद्धि हो रही है।
दूसरी ओर बाहर से आने वाली सब्जियों के साथ-साथ प्याज व टमाटर के मूल्य में भी वृद्धि हो रही है। एक माह में प्याज व टमाटर के मूल्य में 10-15 रुपये का इजाफा हुआ है। हालांकि आलू का रेट यथावत है।
थोक मंडी के व्यापारी मो. मुश्ताक बताते हैं कि पिछले माह तक प्याज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से आ रही थी। अब प्याज महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश से आ रही है। इसके चलते दाम में अंतर आया है।
मौजूदा समय में मूल्य बढ़ने का कारण बरसात है। वह बताते हैं कि टमाटर मौजूदा समय में कर्नाटक के कालोर जिले से आ रहा है। स्ट्राइक व बारिश के कारण टमाटर समय से नहीं पहुंच पा रहा है। इसके चलते दामों में वृद्धि हुई है।
सब्जियां मौजूदा मूल्य एक माह पहले का मूल्य (प्रति किलो)
तरोई 20 10-15
करेला 35 25-20
कुन्दरू 20 10-13
कद्दू 25 10-15
लौकी 20 10-15
भिंडी 20 10-12
परवर 40 30-35
बैगन 35 20-25
टमाटर 40 25-30
आलू 20 18-20
प्याज 25 15-20