अयोध्या। अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा रविवार को आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2022 में परीक्षार्थियों में गजब का उत्साह दिखा। शहर के उसरू स्थित गुरुनानक एकेडमी में आयोजित परीक्षा में कक्षा-9 से 12 तक के पंजीकृत 555 विद्यार्थियों में 366 ने भाग लिया, जबकि 189 अनुपस्थित रहे।
कुल 66 प्रतिशत परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इसमें कक्षा 9 और 10 वर्ग में 135 छात्र-छात्राएं और कक्षा 11 और 12 वर्ग में कुल 231 छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
परीक्षा केंद्र पर सुबह 9:30 बजे से ही परीक्षार्थियों की कतार लगनी शुरू हो गई थी। मुख्य द्वार पर ही सभी परीक्षार्थियों की सघन तलाशी लेकर अंदर जाने दिया गया। परीक्षा से करीब 15 मिनट पूर्व परीक्षार्थियों को ओएमआर सीट व प्रश्न पत्र बाट दिए गए।
कक्षा-9 व 10, 11 व 12 दोनों वर्ग के परीक्षार्थियों के लिए अलग-अलग प्रश्नों के चार-चार सेट बनाए गए थे। सुबह 11 बजे शुरू हुई परीक्षा अपने निर्धारित समय 12:30 बजे समाप्त हुई। परीक्षा केंद्र के 18 कक्ष में 26 परीक्षकों को तैनात किया गया था।
विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा गठित सचल दल लगातार कक्ष का निरीक्षण करता रहा। गुरुनानक सोसाइटी के सीईओ अमनदीप सिंह वीसी, प्रधानाचार्य आदित्य प्रताप मल्ल समेत अन्य शिक्षकों ने योगदान दिया।
परीक्षा सकुशल संपन्न कराने के लिए परीक्षकों में डॉ. रजनीश शुक्ल, निखत अख्तर, छवि गावरी, पूजा त्रिपाठी, सरस्वती पांडेय, माया तिवारी, सभाजीत मिश्रा, रमाकांत, सुजाता मिश्रा, आरती आहूजा, शक्ति सिंह, नीरज श्रीवास्तव, नुपुर समेत अन्य ने योगदान दिया।
परीक्षा देने के बाद जब परीक्षार्थी बाहर निकले तो उनके चेहरे पर सुनहरा भविष्य गढ़ने की ललक साफ दिखाई दे रही थी। छात्र-छात्राओं ने बड़ी बेबाकी से कहा कि अमर उजाला द्वारा नई प्रतिभाओं को चिह्नित कर उन्हें आगे बढ़ने का हौसला देने का यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में प्रश्न बहुविकल्पी और पाठ्यक्रम पर केंद्रित थे। जिसने तैयारी की थी, उसके लिए परीक्षा आसान थी। मैंने तैयारी की थी, छात्रवृत्ति मिलने की उम्मीद कर सकते हैं। - आयुषी तिवारी, कक्षा-11 (अयोध्या)
मेधावियों को आर्थिक सहयोग करने की पहल काफी प्रेरणादायी है। परीक्षा में शामिल होने से दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मदद मिलेगी। प्रश्नों का पैटर्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तरह ही था। - दिव्यांशी पाल, कक्षा 11 (अयोध्या)
छात्रवृत्ति की धनराशि निश्चित रूप से आगे की शिक्षा ग्रहण करने में काफी सहायक होगी। परीक्षा में सफलता हासिल होने पर मनोबल भी बढ़ता है। इससे उन बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। - प्रतिष्ठा, कक्षा-10 (अंबेडकरनगर)
ऐसी परीक्षाओं से बच्चों को अपने आप को पहचानने का मौका मिलता है। ओएमआर शीट भरने का अनुभव भी हुआ। अमर उजाला की यह पहल मेधावी बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करती है। - हार्दिक पांडेय, कक्षा 10 (अयोध्या)
इस तरह की प्रतियोगी परीक्षा छात्रों के लिए प्रेरणादायक होती है। सफलता मिलने पर उनका उत्साह भी बढ़ता है। पेपर अच्छा हुआ, पाठ्यक्रम से ही सवाल आए थे। उत्तीर्ण हो गई तो आगे की पढ़ाई में आसानी होगी। - नेहा साहू, कक्षा-10 (अयोध्या)
छात्रवृत्ति मिलने से आगे की पढ़ाई में सहूलियत होती है। परीक्षा में सफलता या असफलता से आपको अपनी पढ़ाई व बौद्धिक स्तर का भी पता चलता है। काफी तैयारी की थी। उम्मीद है कि सफलता मिलेगी। - सृष्टि पांडेय, कक्षा-10 (अयोध्या)
तैयारी खूब की थी, उम्मीद के हिसाब से पेपर भी आया। सफलता मिलने की उम्मीद है। अमर उजाला की यह पहल सराहनीय है। इससे बच्चों का उत्साह तो बढ़ता ही है, साथ ही आगे बढ़ने का मौका भी मिलता है।- इकरा बानो, कक्षा-11 (अयोध्या)
हाथ में जैसे ही पेपर आया, खुशी से उछल पड़ा। सौ शत प्रतिशत सफलता मिलने की उम्मीद है। अमर उजाला का यह कार्य सराहनीय है, दूसरी संस्थाओं को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। -अंशुल पाल, कक्षा-12 (अयोध्या)
ऐसी परीक्षाओं में शहरी ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलता है। ओएमआर शीट पर परीक्षा देने का अनुभव भी मिला। - आकांक्षा त्रिपाठी, कक्षा-10 (अंबेडकरनगर)
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा नई प्रतिभाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। इससे उन्हें अपनी प्रतिभा को परखने का मौका तो मिलता ही है, साथ छात्रवृत्ति प्राप्त होने से आर्थिक कठिनाइयां भी कम होती हैं। - अतुल राज, कक्षा-10 (अंबेडकरनगर)