अयोध्या। कर्जमाफी से वंचित किसानों को एक और मौका देने के उद्देश्य से कृषि विभाग में बनाई गई हेल्प डेस्क पर शनिवार को किसानों की भीड़ उमड़ी। एक दिन में करीब 1400 किसानों ने हेल्प डेस्क पर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
भाजपा ने बीते विधानसभा चुनाव से पूर्व अपने घोषणा पत्र में किसानों के एक लाख तक के कर्ज को माफ करने का एलान किया था। निजाम बदलने के बाद उस पर प्राथमिकता से अमल किया गया। जिसके तहत जिले के 72 हजार 592 किसान चिन्हित किए गए थे। सरकार की ओर से पात्रता निर्धारित करने के बाद इनमें से बहुत से किसान वंचित हो गए।
जिसमें प्रमुख कारण ऋण खाते का नवीनीकरण न होना, देय धनराशि मार्च 2016 तक शून्य होना, ऋण खातों पर आधार फीड न होना, चार हेक्टेयर से अधिक की भूमि होना, एक ही जमीन पर दो या अधिक बैंकों से ऋण होना, अभिलेख पूर्ण न होने, ऋण लिए गए गाटों की उस समय जांच न हो पाने आदि प्रमुख रहे।
अब तक करीब पांच चरणों में 58 हजार 84 किसानों का कुल 259 करोड़ कर्ज माफ किया गया। तकनीकी दांवपेंच के कारण पात्र होते हुए अपात्र की श्रेणी में रहे किसानों के लिए सरकार ने ऑनलाइन शिकायतें मांगी और ऑनलाइन पोर्टल संचालित किया। इन सबके बावजूद भी कई किसान पात्र होते हुए भी लाभ से वंचित रह गए हैं। सरकार ने कर्जमाफी से वंचित इन किसानों को एक बार और मौका देने के लिए कृषि विभाग में हेल्प डेस्क की स्थापना की है।
हेल्प डेस्क पर किसानों से निर्धारित प्रारूप पर आवेदन मांगे गए। पिछले सप्ताह से शुरू हुई इस हेल्प डेस्क में कर्जमाफी से वंचित किसान संबंधित प्रपत्रों के साथ शिकायत दर्ज करा रहे हैं। शनिवार को शिकायत करने वाले किसानों का हुजूम उमड़ा। देर शाम तक करीब चौदह सौ शिकायतें आईं।
पटल प्रभारी विवेक दूबे ने बताया कि शनिवार को दोनों काउंटर पर करीब 1400 व अब तक करीब दो हजार शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जिनका सत्यापन करके पात्र किसानों को लाभ दिया जाएगा।
वर्जन
तकनीकी खामियों व बैंक आदि की गलती से लाभ से वंचित किसानों को एक और मौका दिया गया है। सोमवार तक शिकायतों को प्राप्त करके उनका सत्यापन कराया जाएगा।
- बीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी