75 करोेड़ से आपूर्ति सुधारेगा पावर कॉर्पोरेशन
फैजाबाद। पावर कॉर्पोरेशन 75 करोड़ रुपये खर्च कर अब गर्मी के मद्देनजर बिजली आपूर्ति सुधारने की तैयारी में जुटा है। जल्द ही 33 केवीए की क्षमता के नौ नए उपकेंद्रों को शुरू करने की योजना है। इन उपकेंद्रों पर 35 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इन उपकेंद्रों में दो शहरी तो सात ग्रामीण इलाकों में भीषण गर्मी में लोड घटाएंगे और ट्रीपिंग से निजात दिलाएंगे। उम्मीद है कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह से सभी नए उपकेंद्र शुरू हो जाएंगे। इसी के साथ ग्रामीण फीडरों के जर्जर तारों को बदलने में 40 करोड़ खर्च किए जाने हैं।
जिले के ग्रामीण व शहरी इलाकों में तीन लाख से अधिक विद्युत कनेक्शन हैं। वर्तमान में जिले में उपकेंद्रों की संख्या 39 है। विद्युत वितरण खंड प्रथम में 11, विद्युत वितरण खंड द्वितीय में 21 और रुदौली वितरण खंड में सात उपकेंद्रों से उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। सर्दियों में कम खपत के चलते विद्युत व्यवस्था जैसे-तैसे ढर्रे पर चलती रही, मगर पारा चढ़ने के साथ व्यवस्था चरमरा जाती है। ऐसे में पावर कॉर्पोरेशन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी लोड के अनुसार बिजली व्यवस्था को व्यवस्थित करना है। इसी लोड को व्यवस्थित करने के लिए पावर कॉर्पोरेशन इस वर्ष अप्रैल माह में ही प्रथम व द्वितीय खंड में नौ नए विद्युत उपकेंद्रों का संचालन करने जा रहा है। यह सभी उपकेंद्र 33 केवीए की क्षमता के हैं।
शहरी क्षेत्र में चिर्रा मोहम्मदपुर व मणिपर्वत पर उपकेंद्र का निर्माण कार्य फाइनल स्टेज पर है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में तुलमपुर, नाका दुर्गापुरी, गोसाईगंज टाउन, खड़बड़िया, भदरसा, दिलासीगंज व टंडौली में विद्युत उपकेंद्र स्थापित हो रहा है। इसमें तुलसमपुर व गोसाईगंज नगर बन कर तैयार है। यह दोनों उपकेंद्र चालू हैं लेकिन इनकी लाइन अभी अलग नहीं हुई है। गोसाईगंज उपकेंद्र के लिए बीकापुर से अलग से लाइन खींची जा रही है साथ ही नाका दुर्गापुरी को भी बीकापुर से जोड़ने की योजना फाइनल स्टेज पर है। इसके साथ ही अन्य पर भी निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक निर्माण की प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र में बन रहे सभी सात उपकेंद्र 26 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे हैं, जबकि शहरी इलाके के दोनों उपकेंद्र की लागत नौ करोड़ रुपये के लगभग है। इन सभी उपकेंद्रों के चालू हो जाने से गर्मियों में बढ़ने वाला लोड का दबाव कम होगा।
40 करोड़ खर्च कर बदली जा रहीं जर्जर लाइनें
जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली के तारों की हालत भी जर्जर है। लोड पड़ने की स्थिति में फाल्ट के चलते पूरी लाइन ही बाधित हो जाती है। मौजूदा समय में 40 करोड़ रुपये की लागत से तारों को दुरुस्त व बदलने की प्रक्रिया जारी है। जिले के ग्रामीण इलाकों में 10 केवीए और 30 केवीए की ग्रामीण जर्जर लाइनों को बदला जा रहा है। विभाग का जल्द ही कार्य को पूर्ण कर लिया जाएगा। इससे ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं को गर्मी में फाल्ट व अघोषित कटौती से मुक्ति मिल सकेगी। दूसरी ओर लाइनों के सुदृढ़ीकरण कार्य शहर में चल रहा है। पुरानी व जर्जर लाइनों को बदलने के साथ नई लाइनें डाली जा रही हैं।
विद्युत वितरण खंड प्रथम व द्वितीय ने 180 ट्रांसफार्मर मांगे
गर्मी के दृष्टिगत विद्युत वितरण खंड प्रथम व द्वितीय ने अपने-अपने क्षेत्र के खराब ट्रांसफार्मरों का आकलन कर शासन से विद्युत वितरण प्रथम ने 30 और विद्युत वितरण खंड द्वितीय ने 150 नए ट्रांसफार्मर की मांग की है। शहर में 250 केवीए के पांच व 300 केवीए के तीन ट्रांसफार्मर लग रहे हैं। ग्रामीण इलाकों के लिए ट्रांसफार्मर आने के लगाए जाएंगे।
जिले के ग्रामीण इलाकों में सात विद्युत उपकेंद्रों को शुरू किए जाने का कार्य फाइनल स्टेज में है। दो उपकेंद्र बिल्कुल तैयार है। लाइन अलग किए जाने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही अन्य उपकेंद्रों को गर्मी के मद्देनजर सक्षम बनाया जा रहा है।- एस के पांडेय, अधिशासी अधिकारी, विद्युत वितरण खंड द्वितीय, फैजाबाद
जिले के शहरी इलाके में दो नए उपकेंद्र बनाए जा रहे हैं। जल्द ही इनका संचालन शुरू किया जाएगा हालांकि यह दोनों उपकेंद्र ग्रामीण इलाकों में स्थित हैं।- मनोज कुमार गुप्ता, अधिशासी अधिकारी, विद्युत वितरण खंड प्रथम, फैजाबाद