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बाढ़ से घिरे गांवों के स्कूलों-घरों में घुसा पानी

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बाढ़ग्रस्त इलाके में लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर कर रहे पलायन
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फैजाबाद। नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी के बाद सरयू/घाघरा ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शहर के कछारीय इलाकों समेत सोहावल, रुदौली व सदर तहसील के करीब 22 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। यहां सैकड़ों घरों में पानी भरने से हालात बेहद खराब हैं।

तीन स्कूलों में पानी भर गया है। बाढ़ग्रस्त इलाके में लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं। मगर समुचित प्रबंध व सहायता न मिलने से पीड़ितों में आक्रोश हैं। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा न नाव उपलब्ध कराई जा रही, न ही राहत सामग्री व इलाज के इंतजाम हैं। सिर्फ दिखावा किया जा रहा है।
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, मंगलवार को सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 39 सेंमी ऊपर 93.120 मीटर रिकॉर्ड किया गया। हालांकि नदी का जलस्तर सुबह 10 बजे से स्थिर है। सोमवार के मुकाबले मात्र दो सेंमी ही उफान दर्ज होने से बाढ़ खंड ने राहत जताई है।

रुदौली क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों की हकीकत जानने के लिए मंगलवार को एडीएम (एफआर) मदन चंद्र दुबे के साथ एसडीएम रुदौली गिरजेश चौधरी ने महंगू का पुरवा, सल्लाहपुर, अब्बूपुर आदि गांवों का दौरा किया और अधिकारी व कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

बाढ़ से संकट गहराया, ग्रामीणों में भय
नदी में बढ़ते जलस्तर से पूरा बाजार के मूड़ाडिहा, सलेमपुर, गैलेंट पिपरी, संग्राम धनी का पुरवा, माझा मडना, माझा रामपुरवारी बाढ़ पीड़ित गांव में बसे लोगों का संकट गहराता नजर आ रहा है। उरदहावा निवासी धनराज यादव ने बताया कि पशुओं का टीकाकरण न होने से बीमार पड़ रहे हैं।

खेतों में पानी भर जाने से हरा चारा नष्ट हो गया है। पिपरी संग्राम निवासी संतोषी ने बताया कि सरकारी नाव न चलने के कारण हम लोग अपना सलमान बाढ़ राहत केंद्र तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। रुदौली प्रतिनिधि के अनुसार, पिछले दो दिनों से घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

जिसके कारण रुदौली के अब्बूपुर व् महगू का पूरवा गांव को जाने वाले मार्ग पर पानी भर जाने से ग्रामीणों को दूसरे गांव से होकर जाना पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ क्षेत्रों में बचाव कार्य प्रारंभ कर दिया है।

बाढ़ कार्य खंड के कर्मचारियों ने कटान प्रभावित स्थानों को चिन्हित कर कटान रोकने का प्रयास शुरू कर दिया है। बाढ़ कार्य खंड के सहायक अभियंता चिंता शर्मा ने बताया कि बचाव के सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।

जान जोखिम में डाल बच्चे आ-जा रहे स्कूल
मूड़ाडिहा, गुलरिहा और कैथी माझा के प्राथमिक विद्यालयों के प्रांगण में पानी भर गया है। बीएसए अनीता सिंह ने बताया कि अभी सिर्फ कैथी को बंद करने का आदेश है। बाकी की रिपोर्ट मांगी गई है। गुलरिहा प्राइमरी में तैनात शिक्षक खुशनुमा ने बताया कि पानी में डूबने के डर से कम बच्चे स्कूल आ रहे हैं।

वहीं स्कूल की छात्रा प्रीति, धर्मवीर, आरती, मनोज, लक्ष्मण ने बताया कि मुख्य मार्ग पर पानी अधिक होने के कारण हम लोग गन्ने के खेतों के बीच से आना पड़ रहा है, जिससे जंगली जानवर का डर लगा रहता है। उनका कहना है कि वो जान जोखिम में डाल पढ़ने जा रहे हैं।
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बाढ़ प्रभावित गांवों में राजस्व व बाढ़ खंड की टीमें नजर रख रही हैं। आवश्यक नाव की उपलब्धता समेत हर तरह की राहत देने के लिए सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं। बंधे पर पलायन करने वालों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
-संतोष कुमार राय, डीएम
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