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पूर्णिमा पर सरयू स्नान को उमड़ा भक्तों का सैलाब

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भोर से ही सरयू के सभी घाटों पर स्नान-दान को लेकर उमड़े लाखों भक्त
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अयोध्या। रामनगरी में पखवारे भर से चल रहे प्रसिद्ध सावन झूला मेला के मुख्य पर्व पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने पतित पावनी सरयू में डुबकी लगाई। भोर से ही घाटों से लेकर प्रमुख मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।

चंद्रग्रहण के चलते श्रद्धालुओं में मंदिरों के कपाट बंद होने से पहले दर्शन-पूजन कर लौटने की होड़ दिखी। चंद्रग्रहण के मद्देनजर अपराह्न 01:52 बजे सभी मंदिरों के कपाट बंद हो गए। जिन भक्तों ने दर्शन नहीं किए, वे रुककर ग्रहण स्नान मंगलवार को करके दर्शन-पूजन के बाद वापस लौटेंगे।
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ऐसे में भक्तों की भीड़ रुकने के कारण प्रशासन ने सारी व्यवस्थाएं मंगलवार को भी यथावत रखने का निर्णय लिया है। मेले के अंतिम पर्व श्रावण पूर्णिमा पर रामनगरी में देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुआें का जमावड़ा था।

सोमवार को भोर से ही घाटाें से लेकर नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, क्षीरेश्वरनाथ, श्रीरामजन्मभूमि, हनुमान बाग, कालेराम मंदिर, श्रीराम बल्लभाकुंज, लवकुश मंदिर आदि मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही।

प्रमुख मंदिरों में दर्शनार्थियों की कतारें लगी रहीं। ये क्रम ग्रहण लगने के पहले तक चलता रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ रोकने के लिए बैरियर गिराए गए। स्नानघाटों पर भोर से ही वैदिक मंत्रोच्चार गूंजते रहे। सूर्योदय होते ही घाटों पर उत्सव जैसा माहौल दिखा।

पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मेला क्षेत्र में भ्रमण कर सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। पखवारे भर तक चले मेले के सकुशल निपटने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

दर्शन-पूजन के बाद वापसी शुरू
श्रावण पूर्णिमा पर्व पर इस वर्ष चंद्रग्रहण लगने के कारण दोपहर बाद सभी मठ मंदिरों के कपाट बंद हो गए जो आठ अगस्त को खुलेंगे। इसके चलते भोर में स्नान-पूजन के बाद से ही श्रद्धालुओं की वापसी शुरू हो गई। इस दौरान रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन पर वापसी के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।

भीड़भाड़ में अपनों से बिछड़े तमाम श्रद्धालु
मेले में कई श्रद्धालुओं और उनके साथ आए बच्चे व महिलाएं भटक गईं। पुलिस के खोया-पाया कैंप के माध्यम से ऐसे तीर्थयात्रियों की परेशानियां दूर की जाती रहीं। मेला क्षेत्र में लगाए गए ध्वनि विस्तारक यंत्र से दिन-रात श्रद्धालुओं के खोने की सूचनाएं प्रसारित की जाती रहीं।

अव्यवस्था से परेशान हुए लोग
सावन झूला मेले के अंतिम पर्व पर श्रद्धालु ही नहीं स्थानीय नागरिक भी अव्यवस्था से परेशान हुए। प्रमुख मार्गों के साथ मठ-मंदिरों की ओर जाने वाले मार्गों पर कूड़ा-कचरा फैला रहा। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा था।
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उमस भरी गर्मी में मेलार्थी स्वच्छ पेयजल के लिए भटकते दिखे। वहीं, रही सही कसर दोपहर बाद हुई हल्की बारिश ने पूरी कर दी, जिसके चलते सड़क किनारे पड़ी गंदगी फैल गई और लोगों को उसी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।
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