यूपी बोर्ड की परीक्षा को नकलविहीन कराने की दशा में प्रभावकारी कदम उठाया गया है। जो परीक्षा केंद्र संदेह के दायरे में थे, उन्हें प्रस्तावित केंद्र की सूची से बाहर कर दिया गया है। इनमें ऐसे ज्यादातर पूर्व परीक्षा केंद्र है, जिसे प्रत्यक्ष/परोक्ष रूप से नेताओं का संरक्षण हासिल है। इससे नकल माफिया के हौसले पस्त हो गए हैं। वे अपने-अपने स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाने के लिए नई तरकीबें खोज रहे हैं।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित होने वाली वर्ष 2017 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा आयोजन के लिए जिले में 157 केंद्र ही प्रस्तावित किए गए हैं। जबकि गत वर्ष 213 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। यानि कि 56 स्कूलों को इस बार संभावित परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर कर दिया गया। जिन स्कूलों को सूची से बाहर किया गया, वे प्रभावशाली और रसूखदार लोगों के बताए जा रहे हैं।