गंगा के लिए अनशन कर रहे साधुओं के प्रति सरकार गंभीर नहीं
अयोध्या। भारतीय जनता पार्टी की सरकार जो गंगा के संरक्षण के लिए गंभीर नहीं है। जिस तरह गंगा के लिए अनशन कर रहे साधु मृत्यु को प्राप्त हो रहे हैं उसी तरह एक दिन गंगा भी समाप्त हो जाएगी।
यह बातें मैग्सेसे पुरस्कार विजेता व सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडेय ने सरयू निकुंज में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहीं। कहा कि मोदी सरकार के चार वर्षों में गंगा के संरक्षण के नाम पर 700 करोड़ खर्च हो चुके हैं लेकिन गंगा आज भी उसी स्थिति में हैं।
2011 में नवजवान साधु स्वामी निगमानंद की हरिद्वार में गंगा में अवैध खनन के खिलाफ अनशन करते हुए 115वें दिन जान चली गई। 2014 में वाराणसी में बाबा नागनाथ गंगा के संरक्षण हेतु अनशन करते हुए 114वें दिन चल बसे।
पिछले वर्ष स्वामी ज्ञान स्वरूप जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संस्थापक सदस्य सचिव रह चुके थे की भी मौत हो चुकी है। 24 जून से गंगा के संरक्षण हेतु अनशन पर बैठे संत गोपाल दास 6 दिसंबर से गायब हैं।
26 वर्षीय केरल निवासी ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद भी अनशन पर बैठे हैं। कहा कि सरकार के लिए साधुओं के जीवन की कोई कीमत नहीं है। भाजपा सरकार साधुओं की बलिदानी परंपरा के प्रति चिंतित नहीं है।
बताया कि गंगा संरक्षण के लिए अनशन करने वाले साधुओं के समर्थन में उनके द्वारा दिल्ली से हरिद्वार तक पदयात्रा 9 से 17 मार्च तक निकाली जाएगी। पदयात्रा में अयोध्या से सरयू निकुंज मंदिर के महंत आचार्य युगल किशोर शास्त्री सहित अन्य शामिल होंगे।