फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पैड़ी की गलती गुप्तार घाट पर दोहरा रहा सिंचाई विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन
नए घाट आगे बनने से मुख्य घाट से दूर हो जाएगी सरयू
विज्ञापन

फैजाबाद। केंद्र सरकार की रामायण सर्किट योजना के तहत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गुप्तार घाट व लक्ष्मण किला घाट की विस्तारीकरण योजना पर सिंचाई विभाग खरा उतरता नहीं दिख रहा है। गुप्तार घाट के राजकीय उद्यान की ओर बनने वाले घाट को 15 मीटर से अधिक आगे कर दिया गया है। साथ निर्मली कुंड की ओर जगह होने के बाद भी घाट बढ़ाया गया है। आरती समिति गुप्तारघाट के अध्यक्ष राम प्रसाद और वरिष्ठ सदस्य कृष्ण मुरारी सिंह आदि बताते हैं कि इसका परिणाम होगा कि राजकीय उद्यान की ओर से आने वाली सरयू की धारा नए घाट से टकरा कर दिशा बदल सकती है। इससे पुराने मंदिर स्थित मुख्य घाट पर पानी नहीं पहुंच पाएगा। अगर यहां रेत जमा हो जाएगी तो यहां भी राम की पैड़ी जैसा हो जाएगा।
अयोध्या में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रामायण सर्किट का निर्माण हो रहा है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 14 बड़ी योजनाएं बनाई गईं हैं। इसमें गुप्तार घाट पर 800 मीटर व लक्ष्मण किला घाट 180 मीटर घाट का विस्तार होना है। पूरे योजना की लागत 45 करोड़ 37 लाख रुपये है। केंद्र सरकार की ओर से 20 प्रतिशत धन भी अवमुक्त हो गया है। मौजूदा समय में कार्य प्रगति पर है लेकिन कार्य के शुरू होते ही सवालों के घेरे में आ गया है। विभाग ने जनवरी माह में ई-टेंडरिंग की है। अभी तक पूरे कार्य का अलाटमेंट संबंधित लोगों को नहीं हो सका है। दोनों घाटों पर कुल 17 लाट निर्धारित की गई है। इसमें गुप्तार घाट पर 14 व लक्ष्मण किला घाट पर 3 लाट निर्धारित है। छह माह पूर्व धन का आवंटन होने के बाद विभाग ने अब जाकर काम शुरू कराया है जबकि कुछ ही दिनों में बारिश से सरयू में जल बढ़ने लगेगा। इसके बाद बाढ़ आने से काम बंद हो जाएगा। इसके अलावा सिंचाई विभाग अभी तक घाट के आसपास पड़े बोल्डर की स्ट्रेच्ंिाग व मेजरमेंट नहीं कर सका है। बोल्डर इधर-उधर पड़े हैं। दोनों घाटों पर काम शुरू होने के बाद भी प्रोफाइल नहीं बनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गुप्तार घाट पर काम शुरू हो चुका है। सब कुछ ड्राईंग के अनुरूप चल रहा है। जगह न होने के कारण घाट को कुछ आगे किया गया है। इससे मेन मंदिर घाट तक पानी पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
केसरी सिंह, अधीक्षण अभियंता, बाढ़ खंड, फैजाबाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें