शहर की सड़कों पर भारी संख्या में उतरे, किया पैदल मार्च
फैजाबाद। ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को भारी संख्या में सड़क पर उतर ताकत दिखाई। तिकोनिया पार्क से विकास भवन तक पैदल मार्च कर प्रदर्शन किया। बाद में मुख्यमंत्री को 9 सूत्री ज्ञापन भेज कार्रवाई की मांग उठाई।
धरने को संबोधित करते हुए संचालन समिति के सदस्य अमरदीप गौड़ ने कहा पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष व वर्तमान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मोहनलालगंज के सांसद कौशल किशोर ने मलिहाबाद में चुनाव प्रचार के दौरान आश्वासन दिया था कि भाजपा सरकार आई तो प्रदेश की 38 हजार ग्राम रोजगार सेवकों को विनियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा।
लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार अपना वादा भूल गई है। इसे याद दिलाने के लिए यह रैली निकाली जा रही है। यदि सप्ताह भर में नौ सूत्री मांगों पर विचार नहीं किया गया तो 12 सितंबर से लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू होगा।
वक्ताओं ने कहा कि पंचायत सहायकों की भर्ती रोकी जाए, नगर निगमों में शामिल ग्राम पंचायतों के रोजगार सेवकों को रिक्त ग्राम पंचायतों में समायोजित किए जाने सहित अन्य मांगें उठाई। सदस्य रामू निषाद ने कहा कि संविदा दमनकारी नीति है जिसमें काम तो अतिरिक्त लिया जाता है लेकिन अतिरिक्त मानदेय नहीं दिया जाता है।
धरने को नरेंद्र यादव, अजहरुद्दीन, शैलेंद्र तिवारी, बब्लू प्रसाद, सुरेश कनौजिया, सुशील वर्मा, पंकज मिश्र, जुनेद अहमद, अभयत्यागी ने संबोधित किया। इसके बाद बड़ी संख्या में रोजगार सेवकों ने जुलूस निकाला। यह जुलूस गांधी पार्क, रोडवेज होते हुए विकास भवन पहुंचा।
यहां मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन के अफसर के जरिए भेजा गया। संचालन नरेंद्र यादव ने किया। धरने में मनोज सिंह, अनूप कुमार सिंह, महेश चतुर्वेदी, विपिन पांडेय, आदित्य पांडेय, राममूरत, पवन कुमार, पवन वर्मा, आशाराम पाल आदि मौजूद थे।