पैमाइश के नाम पर लेखपाल ने वसूले 18 हजार
-एसडीएम को शिकायती पत्र देकर किसान ने आरोप लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
सोहावल। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत पिलखावा मजरे गोकुला में आदेश के बावजूद लेखपाल ने पैमाइश के नाम पर बनाई गई राजस्व टीम के लोगों की फीस बताकर एक किसान से 18 हजार रुपये वसूल लिए। फीस की रसीद महीनों बाद भी न मिलने पर हलफनामे सहित शिकायती पत्र उप जिला अधिकारी को देकर किसान ने राजस्व कर्मियों पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है।
मामला 25 अप्रैल 17 का है, पिलखावा गांव के किसान नंद कुमारपुत्र मिश्री लाल ने गांव में कुछ गाटों पर अवैध कब्जा रोकने के लिए उपजिलाधिकारी के यहां शिकायत की। जिस पर 1 जून को तहसीलदार ने क्षेत्र के नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक के साथ गांव के लेखपाल राम किशोर वर्मा व प्रभारी राजस्व निरीक्षक रहे राम उजागिर की टीम पैमाइश के लिए बनाई। आरोप है दोनों लेखपालों ने पैमाइश की फीस बताकर 3 बार में 18 हजार रुपये वसूल किया और रसीद देने की बात कही। पैमाइश के महीनों बाद दी गई फीस की रसीद न मिलने पर किसान ने लेखपाल राम किशोर वर्मा से रसीद मांगी तो विवाद खड़ा हो गया। इसकी शिकायत उप जिलाअधिकारी से गत 26 अगस्त को की गयी है। तहसीलदार राजीव शुक्ल ने बताया मामला संज्ञान में आया है, प्रकरण गंभीर है जांच कराई जा रही है। वहीं आरोपी लेखपाल राम किशोर वर्मा काकहना है कि पैमाइश के लिए टीम बनी थी, मैंने 3 हजार रुपये लिए थे जिसे बाद में वापस कर दिया है। बाकी किसने लिया, क्या किया मैं नहीं जानता।