खतरे के निशान के और करीब पहुंची सरयू
फैजाबाद। उफनाई सरयू/घाघरा खतरे के निशान के और करीब पहुंच गई है। नदी का जलस्तर गुरुवार शाम खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर नीचे 92.61 मीटर रिकॉर्ड हुआ है। जलस्तर में एक घंटे में आधा सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है।
इधर, नदी का जलस्तर ऊपर-नीचे होने से कटान में काफी तेजी आ गई है। पूराबाजार व रुदौली के दर्जनभर गांव प्रभावित हैं। महंगू का पुरवा में कई घर कटकर बहने की ओर हैं।
गिरिजा बैराज से एक लाख 3 हजार 285 क्यूसेक व शारदा बैराज से एक लाख 9 हजार 35 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से शुक्रवार तक नदी लाल निशान पार कर सकती है।
रुदौली के रौनाही बंधे के निकट कछार वाले क्षेत्रों में नदी के घटते जलस्तर से तेजी से कटान हो रही है। अब तक इस इलाके के तीन घर पानी समा चुके हैं। जिससे अब्बूपुरवा, मुजेहना व सरायनासिर के लोग भयभीत हैं और उन्होंने जरूरी सामानों को बाहर सुरक्षित स्थलों तक पहुंचाने में जुटे हैं।
यहां के आज्ञाराम का कहना है कि प्रशासन से नावों की मांग की जा रही है, लेकिन बुधवार को सिर्फ डीएम के आगमन पर कुछ नावें भेजवाई गई, जो गुरुवार सुबह से नहीं दिख रही है। यहां नदी रोजाना खेती की भूमि काट रही है।
अब तक नदी एक एकड़ से अधिक भूमि नदी में समाहित हो चुका है। यहां नदी और बंधे के बीच बसे महंगू का पुरवा का हाल सबसे खराब है। अधिकांश परिवारों ने बंधे पर शरण ले रखी है। छह घर अब कट चुके हैं। जबकि सात घरों तक लहरें तेजी से मिट्टी काट रही हैं।
यही हाल पूराबाजार क्षेत्र के बिल्वहरि बंधे के निकट बसे सराय राशी और राय पहलवारा गांवों का है। यहां के ग्रामीण वासुदेव व तुलसीराम का कहना है कि नदी की कटान से उनके घरों को खतरा बन गया है। पॉलीथिन के सहारे दिन बीत रहे हैं। कोई सुनने वाला नही हैं।
बाढ़ खंड के एक्सईएन जेपी यादव का कहना है कि बंधे सुरक्षित हैं, विभाग के अभियंताओं को अलर्ट कर दिया गया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी दूबे का कहना है कि सभी विभागों को अलर्ट किया जा चुका है, राजस्व टीमों से रिपोर्ट मांगी गई है।
खतरे का निशान - 92.73 मीटर
वर्तमान जलस्तर - 92.61 मीटर