मनरेगा में लापरवाही पर ग्राम सचिवों का वेतन रोका
फैजाबाद। वित्तीय वर्ष के तीन माह बीत गए लेकिन जिले के दर्जन भर गांवों में मनरेगा में काम की शुरूआत नहीं हुई। समीक्षा के बाद इन गांवों के ग्राम सचिवों का वेतन रोक दिया गया है। जबकि संबंधित खंड विकास अधिकारियों को सचेत किया गया है।
मनरेगा में परियोजनाओं पर काम तेज करने की कवायद है। बैठकों के साथ ही समीक्षा का दौर है लेकिन जिले में ऐसे भी गांव हैं जहां के जॉबकार्ड धारक मजदूरों को गांव की परियोजनाओं पर एक भी दिन काम नहीं मिला है। कई बार इस बाबत हिदायत भी दी गई कि मगर इन गांवों में काम नहीं शुरू हुआ।
सीडीओ की समीक्षा के बाद अमानीगंज ब्लॉक के चौधरीपुर, बीकापुर के रंडौली पश्चिमपाली व मीतनपुर, हैरिंग्टनगंज के डीह भरती, परसुही, मयाबाजार के रेवरी, मिल्कीपुर के धमथुआ, पूराबाजार के रहीमपुर दुगवां, रुदौली के नेवरा और सोहावल के गोड़वा, लहरापुर और सनाहा के ग्राम सचिवों का वेतन रोक दिया गया है।
इसके साथ ही संबंधित खंड विकास अधिकारियों को अनुश्रवण में लापरवाही के आरोप में सचेत किया गया है। उपायुक्त मनरेगा नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी ने बताया कि दर्जन भर गांवों में मनरेगा के तहत काम शुरू नहीं होने के आरोप में वेतन रोका गया है। साथ ही बीडीओ को सचेत किया गया है।