जिला प्रशासन के अफसरों ने अचानक विभिन्न विभागों में मंगलवार को सुबह 10:10 बजे छापे मारे तो 50 से अधिक कर्मचारी व पटल प्रभारी नदारद मिले। यह हाल तब है जब योगी सरकार ने डीएम समेत अफसरों को सुबह 9 बजे दफ्तर पहुंच जनता की समस्याएं निपटाने का कड़ा आदेश दे रखा है। फिलहाल में छापेमारी में गैरहाजिर मिले कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है, जहां से कार्रवाई तय होना है।
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तमाम सख्त आदेशों के बाद भी दफ्तरों में काम-काज सुव्यवस्थित नहीं दिख रहा है। बीती 11 अगस्त को लापरवाह अफसरों व कर्मियों की उपस्थिति को लेकर सुबह 10 बजे एक साथ जिले के उच्चाधिकारियों से छापेमारी कराई गई थी तो विभिन्न विभागों 186 अफसर व कर्मी नदारद मिले थे।
डीएम ने इस जांच के बाद मंगलवार को फिर उपस्थिति का हाल जानने के लिए मजिस्ट्रटों से विभिन्न विभागों में जांच कराई। डीएम के निर्देश पर दो अपर जिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने विभिन्न विभागों में छापा मारा। सुबह दस बजकर दस मिनट से शुरू हुई इस कार्रवाई में एक बार फिर सरकारी कार्यालयों की हालत पस्त मिली।
पिछली बार तो प्रशासन ने अनुपस्थित कर्मचारियों को केवल चेतवानी दी थी लेकिन इस बार कार्रवाई होने के आसार हैं। सिटी मजिस्ट्रेट छोटे लाल मिश्र ने विकास भवन में छापा मारा तो यहां विभिन्न कार्यालयों के 19 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।
वह उपस्थिति रजिस्टर अपने साथ लेकर चले आए। बाद में इसे वापस भेजा। खास बात यह है कि 11 अगस्त को एडीएम सिटी ने यहां छापा मारा था तो कुल 51 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए थे। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मदन चंद्र दूबे विकास प्राधिकरण में छापा मारा तो यहां की हालत पस्त मिली। कर्मचारियों के अलग-अलग कार्य पर जाने की बात बताई गई। तीन कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।
अनुपस्थित मिले कर्मियों को प्रतिकूल प्रविष्टि : मंगलवार को वरिष्ठ अफसरों के छापे में अनुपस्थित पाए गए कर्मयारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। डीएम कार्यालय के मुताबिक मंगलवार को अफसरों की चेकिंग में अनुपस्थित पाए गए कर्मियों को डीएम ने प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।