दुनिया चाहती है अयोध्या में बने भव्य राममंदिर : ज्ञानमती माता
अयोध्या। गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता ने जैन मंदिर में संचालित पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि राम की धरती पर राममंदिर नहीं बनेगा तो क्या पाकिस्तान में बनेगा।
कहा कि जैन रामायण के अनुसार भगवान राम को अवतार लिए 9 लाख वर्ष पूर्ण हो गए हैं। राम के नाम से कल्याण ही होना है, प्रभु का नाम हितकारी ही होता है। कहा कि राममंदिर का मामला अब श्रद्धा से हटकर राजनीति में चला गया है।
धर्म में जब राजनीति आ जाती है तो मामला लटक जाता है। कहा कि दुनिया चाहती है कि अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण हो। महिला दिवस की पूर्व संध्या पर कहा कि महिलाओं को अधिकार, सम्मान मिले उनकी रक्षा सुरक्षा हो यही महिला दिवस के सच्चे मायने हैं।
इससे पूर्व माता ज्ञानमती के सानिध्य में संचालित पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव में भगवान को जाति-स्मरण, मेघ-विलय आदि कारणों से जब संसार यशरीर और भोगों से वैराग्य उत्पन्न हो जाता है।
तब उसी क्षण लौकांतिक देव आ जाते हैं और भगवान को नमस्कार कर वैराग्य की प्रश्ंासा करते हैं। भगवान के दीक्षाकल्याणक के दृष्य को विधि-विधानपूर्वक किया जाता है। इस अवसर पर प्रात: काल भगवान की आहारचर्या सम्पन्न हुई।
आहार के पश्चात इंद्रों द्वारा पंचाष्चर्य वष्ष्टि में घंटानाद, सुगंधित जल, रत्नवष्ष्टि, दुुंदुभि, जयजयकार आदि किये गये। मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ जैन ने बताया कि उत्तरप्रदेश सरकार ने गणिनीप्रमुख ज्ञानमती माताजी को राजकीय अतिथि का दर्जा प्रदान किया है।
जिससे जैन समाज में हर्ष है। इस दौरान स्वामी रवींद्र कीर्ति सहित बड़ी संख्या में विभिन्न प्रांतों से आए भक्त श्रद्धालु मौजूद रहे। भारतीय वायुसेना के जवान अभिनंदन के शौर्य एवं वीरता से खुशी गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता ने कहा कि जैन समाज द्वारा ‘अभिनंदन’ का अभिनंदन किया जाएगा।
उन्होंने अभिनंदन को अयोध्या बुलाने के लिए भी समाज के लोगों से प्रयास करने को कहा। ज्ञानमती माता ने कहा कि अभिनंदन के शौर्य की आज पूरी दुनिया प्रशंसा कर रही है, ऐसे वीरों के बदौलत ही हमारा हिंदुस्तान सुरक्षित है।
एक हजार लोगों ने लिया मांसाहार त्याग का संकल्प
कार्यकम के मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ जैन ने बताया कि कार्यक्रम में कन्या भ्रूण हत्या व शाकाहार की प्रदर्शनी भी लगाई गयी थी, जिसमें समाज से आये हुए लगभग एक हजार श्रद्धालुओं ने मांसाहारी भोजन न करने का संकल्प लिया। कन्या भ्रूण हत्या जैसे कुकृत्य को नहीं होेने देंगे और न करेंगे, ऐसा संकल्प लिया। सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान में सम्मिलित होने की भी श्रद्धालुओं ने प्रतिबद्धता दर्शायी।